uncategorized

Amarnath Yatra 2025: 3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम, पहले जत्थे की रवानगी 2 जुलाई को

Lucknow Focus News Desk: इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। सीआरपीएफ, स्थानीय प्रशासन और धार्मिक संगठनों के सहयोग से यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा किया गया है। खासतौर पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

हर कदम पर सुरक्षा का पहरा

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने यात्रा मार्ग पर K-9 डॉग स्क्वॉड और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया है। खासतौर पर उधमपुर सेक्टर जैसे संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है। यात्रियों की आवाजाही वाले प्रमुख रास्तों की हर गतिविधि पर सीसीटीवी और पेट्रोलिंग टीम की नजर है।

2 जुलाई को पहले जत्थे की होगी रवानगी

अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना होगा। यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 3 जुलाई से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से होगा।

सिर्फ सड़क मार्ग से होगी यात्रा, रेल से नहीं

इस वर्ष यात्रा के लिए केवल सड़क मार्ग को ही अधिकृत किया गया है। रेलमार्ग से यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। सभी तीर्थयात्रियों को जम्मू से सड़क मार्ग के जरिए आधार शिविरों तक पहुंचाया जाएगा।

ऑफलाइन पंजीकरण 1 जुलाई से शुरू

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद अब 1 जुलाई से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की जा रही है। यात्रियों को एक दिन पहले भगवती नगर कैंप में रिपोर्ट करना होगा, जिसके बाद वे बालटाल या पहलगाम के लिए रवाना हो सकेंगे।

यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं

कमिश्नर रमेश कुमार ने जानकारी दी कि यात्रियों के ठहरने और खानपान की व्यवस्था में कोई कमी न हो, इसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

AC हॉल, हैंगर टेंट, सामुदायिक लंगर, स्वच्छ मोबाइल शौचालय, 24 घंटे पेयजल और बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी।

यात्रा मार्ग में कठुआ से लेकर बनिहाल तक सभी जिलों में विश्राम केंद्र बनाए गए हैं, जहां यात्रियों को वही सभी सुविधाएं मिलेंगी जो मुख्य आधार शिविरों में मिलती हैं।

52 लंगर और 60 RFID केंद्र होंगे सक्रिय

यात्रियों के लिए 52 लंगर सेवा स्थल और 60 RFID रजिस्ट्रेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं। जम्मू स्थित सरस्वती धाम में एक विशेष टोकन वितरण केंद्र भी शुरू किया गया है, जहां से यात्री यात्रा की अद्यतन जानकारी और अपनी स्थिति का सत्यापन कर सकेंगे।

यात्रियों को किसी भी तरह की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है, जहां से रूट, मौसम, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं आदि से जुड़ी जानकारी ली जा सकेगी।

व्यवस्था में शामिल रहे सभी विभाग

यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस विभाग, धार्मिक संगठनों, टैक्सी यूनियन, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन सहित सभी हितधारकों के सुझाव लिए गए हैं। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो।

Also Read: पुरी रथ यात्रा में दर्दनाक हादसा: श्रद्धालुओं की भीड़ में मची भगदड़, 3 की मौत, 50 घायल

Related Articles

Back to top button