अमित शाह का बड़ा बयान: जगदीप धनखड़ का इस्तीफा सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से, नजरबंदी की खबरें निराधार

Lucknow Focus News Desk: देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे को लेकर बढ़ रही अटकलों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मार्थ राजनेता ने केवल स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस पद से इस्तीफा दिया है और कहानियां गढ़ने से बचना चाहिए।
अमित शाह ने एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा धनखड़ साहब का इस्तीफा अपने आप में स्पष्ट है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और सरकार के अन्य सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार भी व्यक्त किया है।
जब उनसे विपक्ष द्वारा उठाई जा रही ‘नजरबंद’ की बात पर सवाल किया गया, तो अमित शाह ने कहा सच और झूठ की व्याख्या केवल विपक्ष के बयानों पर आधारित नहीं होनी चाहिए। हमें इस मुद्दे को हवा देने की आवश्यकता नहीं है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर संदेह व्यक्त किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रामेश ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के साथ-साथ उनके ‘चुप कराए जाने’ की बात भी सामने आई है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा मध्यकालीन काल में लौट रहे हैं जहाँ राजा किसी को भी अपनी मर्जी से हटा सकता था। लोकतंत्र और निर्वाचित व्यक्ति की कोई अवधारणा नहीं बची है।
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा
21 जुलाई 2025 को मॉनसून सत्र के पहले दिन, धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में कहा कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं और डॉक्टरों की सलाह का पालन करना चाहते हैं।
उनका इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत स्वीकार किया गया है, जो उपराष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफा देने की कानूनी अनुमति देता है। इससे पहले भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता के संकेत मिले थे मार्च में उन्हें AIIMS में कार्डियक समस्या के कारण भर्ती किया गया था, और जून में कुमाऊँ विश्वविद्यालय में बेहोश होने की घटना भी सामने आई थी।




