विकसित भारत के लिए संवैधानिक मूल्यों के प्रति युवाओं की जागरूकता जरूरी – डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी

Lucknow Focus News Desk: राजधानी लखनऊ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के 135वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी’ और ‘बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय’ (BBAU) के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। “समावेशी विकास, विकसित भारत का आधार—बाबा साहब की दृष्टि में” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने किया।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति युवाओं में चेतना पैदा करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने बाबा साहब के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए कहा “डॉ. अंबेडकर की समानता पर आधारित समाज की परिकल्पना आज की युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत है। ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में हमारे युवाओं की बौद्धिक और तार्किक क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
तीन दिवसीय बौद्धिक प्रतियोगिताओं का दौर
इस विशेष आयोजन में प्राइमरी स्तर से लेकर यूजी (UG) और पीजी (PG) स्तर तक के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की तार्किक सोच और प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता को निखारना है। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में क्विज और भाषण प्रतियोगिता के तहत बाबा साहब के विजन और भारत के विकास पर चर्चा होगी। इसके साथ ड्रॉइंग एवं पोस्टर मेकिंग जरिए कला के माध्यम से समावेशी भारत की तस्वीर, और विशेषज्ञों द्वारा संवैधानिक मूल्यों पर गहन विमर्श किया जाएगा।
BBAU परिसर में आज पोस्टर प्रतियोगिता, कल होगा सम्मान
कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया गया कि 13 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर में विशाल पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। महोत्सव के अंतिम दिन यानी 14 अप्रैल को विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन दिनेश चंद्रा, श्रीमती मंजू वर्मा, मोहम्मद शकील, पुष्पेंद्र यादव और उत्पल शर्मा ने भी अपने विचार रखे और छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी इस बौद्धिक समागम का हिस्सा बन रहे हैं।




