बाराबंकी में ‘विश्व हृदय दिवस’ पर जागरूकता रैली, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश

Lucknow Focus News Desk: विश्व हृदय दिवस के अवसर पर, शहर में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली हिन्द हॉस्पिटल हार्ट इंस्टीट्यूट, रोटरी क्लब बाराबंकी, और इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
दिल से दिल तक जागरूकता
जागरूकता रैली राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के मैदान से शुरू हुई, पटेल चौक होते हुए वापस जीआईसी मैदान में समाप्त हुई। इस कार्यक्रम में हिन्द हॉस्पिटल के पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रैली के दौरान, बच्चों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर आम लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और नशे से दूर रहने का सशक्त संदेश दिया।
हृदय रोग विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
हिन्द हॉस्पिटल हार्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने इस अवसर पर ‘दिल से दिल तक जागरूकता अभियान’ के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. श्रीवास्तव ने चेतावनी दी कि हृदय रोग अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। उन्होंने कहा, “समय पर जागरूकता और जीवनशैली में बदलाव ही इसका सबसे बड़ा बचाव है।” डॉ. के.के. मिश्रा, कार्डियोलॉजिस्ट, हिन्द हार्ट इंस्टीट्यूट, ने लोगों से दिल के लिए समय निकालने और जागरूक रहकर उसे स्वस्थ रखने की अपील की।
सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन
रोटरी क्लब और रेडक्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों ने इस जागरूकता अभियान को अपना समर्थन दिया।
रोटरी क्लब: क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक हृदय स्वास्थ्य का संदेश पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है, और ऐसी रैलियाँ लोगों को सजग और प्रेरित करने का सशक्त माध्यम हैं।
रेडक्रॉस सोसाइटी: रेडक्रॉस सोसाइटी बाराबंकी के चेयरमैन शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि आज बदलती जीवनशैली और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण हृदय रोग तेज़ी से बढ़ रहे हैं, इसलिए समाज को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
रैली को सफल बनाने में रोटरी क्लब के अध्यक्ष विमल बाईसार, सचिव डॉ. रमेश मोहन, रेड क्रॉस शाखा के कसीम सिद्दीकी और राजकीय इंटर कॉलेज के स्काउट के बच्चों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों और हिन्द हॉस्पिटल के स्टाफ का अहम योगदान रहा।




