जम्मू-कश्मीर के विधायकों की सैलरी बढ़ाने वाला बिल वापस, BJP के विरोध के बाद CM उमर अब्दुल्ला का फैसला

Lucknow Focus News Desk: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विधायकों और मंत्रियों के वेतन तथा भत्ते बढ़ाने से संबंधित विधेयकों को सर्वसम्मति से वापस ले लिया गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह निर्णय लिया। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो विधायकों का कुल मासिक वेतन और भत्ता मौजूदा 1.8 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 3 लाख रुपये प्रतिमाह हो जाता।
विधेयक का उद्देश्य: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (जो कानून और संसदीय मामलों के मंत्री भी हैं) ने जम्मू-कश्मीर के मंत्रियों और विधानसभा सदस्यों के वेतन-भत्ता अधिनियम में संशोधन से जुड़ा बिल पेश किया था। इसमें मौजूदा विधायकों व मंत्रियों के वेतन/भत्तों में बढ़ोतरी के साथ-साथ पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने का भी प्रस्ताव था।
विरोध और राजनीति पर तंज: बिल का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने दिहाड़ी मजदूरों की समस्याओं का हवाला दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाउस कमेटी की सिफारिशों के दौरान किसी सदस्य ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन अब सदन में इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
CM उमर अब्दुल्ला का रुख: सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से इसके पक्ष में नहीं था। अगर सदन का एक भी सदस्य इसका विरोध करता है, तो इसे पास नहीं किया जाएगा।” इसके बाद उन्होंने विधेयक वापस लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे बहुमत से स्वीकार कर लिया गया।




