उत्तर प्रदेश

हमेशा लोकमंगल के हितार्थ काम किए हैं ब्राह्मण : डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी

वाराणसी। “राष्ट्रीय  गौरव और सम्प्रभुता  को  पुष्पित-पल्लवित व संरक्षित  करने में अथक योगदान  करने के साथ-साथ  सर्व समाज के लोकमंगल  के हितार्थ  देश का ब्राह्मण समाज  सतत् समर्पित  भाव से कार्यरत रहता आया है।मौजूदा दौर में  विप्र  समाज  को पारस्परिक मतभेदों की संकीर्ण  मानसिकता से ऊपर उठकर राष्ट्रीय परिदृश्य पर  अपनी महत्वपूर्ण  भूमिका का संजीदगी से निर्वाहन  करने के लिए  तत्पर रहना है।समाज और  राष्ट्र  निर्माण  में अपने अविस्मरणीय  योगदान  के गौरवपूर्ण  अतीत से ऊर्जा लेकर नैतिक मूल्यों के संरक्षक  की मूल पहचान सुस्थापित  करना समय की मांग  है।”

यह विचार केन्द्रीय ब्राह्मण महासभा,वाराणसी के तत्वावधान  में आयोजित  दो-दिवसीय राष्ट्रीय  ब्राह्मण महासम्मेलन  के उद्घघाटन  के अवसर पर कार्य क्रम  के मुख्य  अतिथि डाक्टर लक्ष्मीकांत  वाजपेयी,सांसद(राज्य  सभा) /पूर्व  मंत्री व  पूर्व  प्रदेश अध्यक्ष  भाजपा ,उत्तर प्रदेश  ने  अपने सम्बोधन में व्यक्त किए। श्री  धर्म  संघ शिक्षा मंडल सभागार,दुर्गा कुण्ड  में आयोजित  इस वृहद समागम के अवसर पर प्रदेश  ही नहीं देश के विभिन्न  राज्यों से उपस्थित  विविध विधाओं  से जुड़े विद्वत  ब्राह्मण  प्रतिनिधियों ने अपनी सहभागिता दर्ज  करायी।

कार्य क्रम  के विशिष्ट  अतिथि के तौर पर शामिल  पूर्व  मंत्री  उत्तर प्रदेश  सरकार तथा मौजूदा विधायक वाराणसी(दक्षिण) डाक्टर  नीलकंठ  तिवारी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन  में ब्राह्मण समाज  के गौरवपूर्ण  अतीत के निस्वार्थ  अप्रतिम  योगदान  और त्याग  का उल्लेख  करते हुवे 2500 हजार साल पुरानी पुस्तक  “इंडिका”  में समाहित अनेक उद्धरणों  को रेखांकित  करते हुवे तत्कालीन  सामाजिक परिदृश्य  में ब्राह्मण  विभूतियों के अविस्मरणीय  त्याग और निस्वार्थ भाव  से किए  समर्पित  प्रयासों  का उल्लेख कर वर्तमान समय  में भी देश के ब्राह्मण समाज  की भूमिका को इंगित किया।

आयोजन की अध्यक्षता केन्द्रीय ब्राह्मण  महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  कमलाकांत  उपाध्याय  द्वारा की गई।  इस अवसर  पर अन्य विशिष्ट  अतिथियों में पंडित  जगजीवन  महराज, पद्मश्री  डाक्टर  सरोज चूड़ामणि पूर्व  कुलपति किंग  जार्ज  मेडिकल  यूनिवर्सिटी,प्रमोद  मिश्रा,अध्यक्ष,अखिल भारतीय  ब्राह्मण  महासभा न्यास , डाक्टर  राजेश  पाठक  ने भी अपने विचार प्रकट किए।

पाणिनी  कन्या महाविद्यालय  की छात्राओं  के वैदिक मंगलाचरण के साथ मंचासीन  सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित  कर आयोजन  की औपचारिक शुरुआत  की। संदीप मौर्या  के आकर्षक  शिव तांडव नृत्य ने तालियाँ  बटोरीं।डाक्टर  गणेश दत्त शास्त्री  के ओजस्वी संचालन में चले आयोजन में सभी अतिथियों  का धन्यवाद ज्ञापन  केन्द्रीय ब्राह्मण  महासभा के उत्तर प्रदेश  के महामंत्री निवर्तमान  अधिकारी व साहित्यकार आनन्द उपाध्याय   द्वारा किया गया।

आयोजन के अवसर पर ब्राह्मण समाज  के विभिन्न  विशिष्ट विशेषज्ञों को समाज में कई जा रही विशिष्ट  सेवाओं के दृष्टिगत  अंग वस्त्र,स्मृति  चिन्ह  व रूद्राक्ष  की माला देकर सम्मानित  किया गया। जिनमें प्रोफेसर  टी पी चतुर्वेदी,प्रोफेसर  वी के दीक्षित,डाक्टर  अमितनन्दन  धर द्विवेदी,पंडित  महेश दूबे,सुविख्यात  अंतरराष्ट्रीय  टेक्सटाइल उद्योग  के विशेषज्ञ  अरविंद उपाध्याय सहित अन्य कई  विशिष्ट विशेषज्ञ  शामिल थे।

आयोजन के द्वितीय सत्र  में चयनित विचारणीय मुद्दों  पर गहनता से विचार-विमर्श  कर सरकार  को सन्दर्भित  कर  सर्व  सम्मति  से बिन्दुवार  निर्णय  लेने का अनुरोध किया गया। जिनमें प्रमुख  रूप से ब्राह्मण  कल्याण  बोर्ड  का तत्काल  गठन किए जाने, कृषि योग्य  भूमि का व्यवसायीकरण  रोके जाने,देवी देवताओं की तस्वीरों और हिन्दू  धार्मिक  प्रतीकों  के व्यवसायीकरण  बंद किए जाने, मठ-मंदिरों  के पुजारियों के जीवन निर्वाह  हेतु आर्थिक पैकेज  देने,समान नागरिक  संहिता लागू करने और जातिगत आरक्षण  की जगह आर्थिक  आधार पर  आरक्षण  देने इत्यादि  की मांग  की गई।

आयोजन के द्वितीय दिवस पर केन्द्रीय ब्राह्मण  महासभा के युवा मंच  के राष्ट्रीय अध्यक्ष  डाक्टर  अरूण उपाध्याय  की अध्यक्षता में युवा सम्मेलन आयोजित हुआ।  दूसरे सत्र  में संस्था के केन्द्रीय ब्राह्मण  महासभा महिला मंच की राष्ट्रीय  अध्यक्ष  डाक्टर  मंजूलता  त्रिपाठी  की अध्यक्षता में  महिला प्रतिनिधियों का सम्मेलन आयोजित  किया गया। इसमें काशी के विभिन्न  विश्वविद्यालयों व अन्य विशिष्ट पहचान  वाले युवाओं  और महिलाओं ने अपनी सक्रिय  सहभागिता दर्ज  कराकर गहन मंथन कर महत्वपूर्ण  प्रस्ताव पारित कर  अनुमोदन  के उपरान्त  सरकार को संदर्भित  किए जाने का निर्णय  लिया  गया।

 

 

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