देश

यमुना किनारे मनाया जाएगा छठ पर्व, दिल्ली सरकार का फैसला, ‘आप’ ने BJP पर साधा निशाना

Lucknow Focus News Desk: दिल्ली में इस बार छठ महापर्व यमुना नदी के किनारे मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में इसकी घोषणा की है। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले बढ़ते प्रदूषण के चलते राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने यमुना किनारे छठ पर्व मनाने पर रोक लगा दी थी। सरकार के इस निर्णय से व्रतधारियों और पूर्वांचल समुदाय में खुशी का माहौल है।

सरकार का संकल्प: छठ होगी ‘भव्य’ और यमुना तट पर

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि अब तक छठ के आराधकों की भावनाओं का अपमान हुआ था। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि इस बार छठ पर्व भव्य तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “सबकी इच्छा है कि छठ की पूजा यमुना तट पर हो, तो इसके लिए सरकार संकल्पित है और इस बार सरकार छठ का आयोजन यमुना मैया के तट पर करेगी।”

AAP ने BJP पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

दिल्ली सरकार के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। AAP ने स्पष्ट किया कि यमुना घाट पर छठ मनाने पर रोक कोर्ट के आदेश पर लगी थी।

AAP ने कहा, “हमने कोर्ट में मांग भी की थी कि पूजा की इजाजत दी जाए। लेकिन बीजेपी झूठ बोलती है।” AAP ने तंज कसते हुए कहा, “हमें तो देखना है कि प्रवेश वर्मा यमुना का झाग कैसे रोकेंगे। वो तथाकथित जहरीला केमिकल कैसे यमुना में डालेंगे।”

929 स्थलों पर होगी छठ पूजा की व्यवस्था

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि छठ पर्व इस बार यमुना नदी के दोनों किनारों पर आयोजित किया जाएगा। यमुना के किनारों पर विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि व्रतधारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री के अनुसार, आस्था, प्रकृति और भावनाओं से जुड़े इस पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित ढंग से मनाना सरकार की प्राथमिकता है। दिल्ली में यमुना के किनारों के अलावा मुनक नहर, मुंगेशपुर ड्रेन और कृत्रिम तालाबों में भी छठ पूजा आयोजित की जाती है। राजधानी में कुल मिलाकर 929 स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाती है। सरकार इन सभी स्थलों पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। किसी भी संस्थान को NOC चाहिए होगी, तो उसे भी बिना परेशानी के दिया जाएगा।

Related Articles

Back to top button