यूपी विधानसभा: सदन में सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार, बोले- तुष्टीकरण का शिकार बना वंदे मातरम

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में ऐतिहासिक ‘वंदे मातरम’ गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए। इससे पूर्व, सरकार की ओर से 24,496.98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी पेश किया गया।
वंदे मातरम: राष्ट्रभक्ति बनाम तुष्टीकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वाधीनता संग्राम का महामंत्र था। सीएम योगी ने कहा कि 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्र नाथ टैगोर के सुरों ने इसे देश का स्वर बनाया। फांसी के फंदे पर झूलते क्रांतिकारियों का यह अंतिम उद्घोष था।
सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के तहत इस गीत के छह छंदों को काटकर दो कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति को मजहबी मजबूरी के आगे गिरवी रखना ही भारत के विभाजन की नींव बनी।
1935 में मोहम्मद अली जिन्ना ने इस गीत को मजहबी रंग देकर विरोध शुरू किया। सीएम ने कहा कि जो लोग आज भी इस गीत का विरोध करते हैं, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
“अपराधियों के साथ सपा के तार”
विपक्ष द्वारा कफ सिरप के मुद्दे पर किए गए हंगामे का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कड़े तथ्य पेश किए। उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त सिरप प्रतिबंधित है और यहाँ इससे कोई मौत नहीं हुई है। अब तक 136 फर्मों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर 77 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस अवैध व्यापार का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल, वाराणसी कैंट से सपा प्रत्याशी अमित यादव और मिलिंद यादव का व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने बैंक ट्रांजेक्शन और ‘आलोक सिपाही’ जैसे लोगों के सपा प्रमुख के साथ संबंधों का भी जिक्र किया।
सीएम योगी ने कहा कि जब अपराधियों पर बुलडोजर चलता है या कानूनी कार्रवाई होती है, तो सपा के लोग ही ‘फातिहा’ पढ़ने जाते हैं। लेकिन हम वह मौका भी नहीं देंगे।
अनुपूरक बजट की मुख्य झलकियां
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए 24,496.98 करोड़ के बजट में इन क्षेत्रों पर जोर दिया गया।
सड़क एवं कनेक्टिविटी: लिंक एक्सप्रेस-वे और पीडब्ल्यूडी की परियोजनाओं के लिए भारी आवंटन।
ऊर्जा: गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति और पावर प्लांटों के सुदृढ़ीकरण हेतु।
जल जीवन मिशन: केंद्र से बजट की कमी को पूरा करने के लिए राज्य का अंश।




