सीएम योगी का परिवहन विभाग को निर्देश,बोले- समय की रफ्तार से कदम मिलाइए, तभी बनेगा विकसित यूपी

Lucknow Focus News Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान परिवहन विभाग की सेवाओं की सराहना करते हुए उसे ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना का सारथी बनने का आह्वान किया। उन्होंने विभाग को समय के साथ कदम मिलाने और अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने का निर्देश दिया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है, जो गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ चुनौतियाँ भी हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों की मुफ्त बस यात्रा देने की पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसी योजनाओं का बेहतर प्रचार-प्रसार करने को कहा।
संकट में विभाग ने निभाई सच्ची साझेदारी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परिवहन विभाग ने हमेशा संकट के समय में एक भरोसेमंद साथी की भूमिका निभाई है। उन्होंने 2019 के प्रयागराज कुंभ और 2020 की कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने में विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग ने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों तक के लोगों को सुरक्षित पहुँचाया।
सड़क सुरक्षा: सबसे बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी
सीएम योगी ने सड़क सुरक्षा को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में हर साल कोरोना से भी ज्यादा लोग मारे जाते हैं, जिनमें ज्यादातर युवा होते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बस चालकों का हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट कराया जाए, खासकर आँखों की जांच। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजा लगाकर गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती।
जागरूकता और समन्वय से ही होगा समाधान
सड़क हादसों को कम करने के लिए सीएम ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर जैसी संस्थाओं की मदद से ‘ब्लैक स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान की जाए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक ऐप की मदद से एक जगह पर हादसों की संख्या 18 से घटकर 3 तक हो गई।
उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट के उपयोग और नशे में ड्राइविंग पर कड़े नियम लागू करने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सीएम ने कहा कि बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से प्रदूषण कम होगा और 3 लाख तक नए रोजगार भी पैदा हो सकते हैं। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत कई अधिकारी और नेता मौजूद थे।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, प्रमुख सचिव (परिवहन) अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।




