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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हरियाणा की मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने जीता गोल्ड, रिंग में 5-0 से दी पटखनी, भिवानी में जश्न

Lucknow Focus News Desk: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (राष्ट्रमंडल खेल) से भारत के लिए एक और बेहद शानदार और गौरवान्वित करने वाली खबर आई है। हरियाणा की बेटी और स्टार भारतीय बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का परचम लहराते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। यह मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का बॉक्सिंग में दूसरा और कुल मिलाकर सातवां स्वर्ण पदक है। जैस्मिन ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि महिलाओं के 57 किग्रा भारवर्ग (Featherweight) में हासिल की है।

रिंग में एकतरफा मुकाबला: विपक्षी को 5-0 से रौंदा

फाइनल मुकाबले में जैस्मिन ने अपने आक्रामक और सधे हुए खेल के सामने नॉर्दर्न आयरलैंड की मजबूत मुक्केबाज मिकेला वॉल्श को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। जैस्मिन ने यह खिताबी मुकाबला सर्वसम्मति (Unanimous Decision) से 5-0 के एकतरफा स्कोर से अपने नाम किया। बॉक्सिंग रिंग में प्रीति पवार के गोल्ड जीतने के बाद, यह भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है, जिसने देश का मान वैश्विक स्तर पर और बढ़ा दिया है।

भिवानी में मना जश्न, माता-पिता की आंखें हुईं नम

जैस्मिन की इस स्वर्णिम सफलता के बाद उनके गृहनगर भिवानी (हरियाणा) में दीवाली जैसा माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

मां जोगिंदर कौर का बयान: अपनी बेटी की ऐतिहासिक जीत पर गर्व जताते हुए मां ने कहा, “मेरी बेटी ने देश के लिए सोना जीता है, हमें उस पर बेहद गर्व है। वैसे तो हमें पूरा भरोसा था कि वह गोल्ड लेकर आएगी, लेकिन मैच के दौरान दिल में एक डर भी लग रहा था।”

पिता जयवीर का वेलकम प्लान: जैस्मिन के पिता जयवीर सिंह अपनी खुशी को रोक नहीं पा रहे थे। उन्होंने कहा, “हम इस जीत से बेहद खुश हैं। जैस्मिन की बरसों की कड़ी मेहनत आज रंग लाई है। जब वह वतन वापस लौटेगी, तो पूरे भिवानी में ढोल-नगाड़ों के साथ उसका एक भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा।”

जैस्मिन की इस अविश्वसनीय जीत से न सिर्फ उनके परिवार में बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत और कॉमनवेल्थ गेम्स के भारतीय दल में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। यह जीत भारतीय मुक्केबाजी के बढ़ते वैश्विक कद को साफ तौर पर दर्शाती है।

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