आंखों से लगातार पानी आना हो सकता है गंभीर समस्या का संकेत, जानें कारण और बचाव के उपाय

Lucknow Focus News Desk: कई लोगों को अक्सर आंखों से पानी आने (Watery Eyes) की समस्या रहती है। कभी यह हल्का होता है तो कभी इतना ज्यादा कि आंखें खुली रखना भी मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर ठंडी हवा, धूल-मिट्टी, धुआं या लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन देखने पर आंखों से आंसू आने लगते हैं। लेकिन कई बार यह लक्षण संक्रमण या गंभीर आंखों की बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं।
लगातार पानी आने के लक्षण
- आंखों में लालिमा और जलन
- खुजली, चुभन और भारीपन
- रोशनी चुभना और धुंधला दिखना
- आंखों में चिपचिपाहट और पलकें चिपकना
- संक्रमण की स्थिति में पस निकलना
- लंबे समय तक स्क्रीन देखने पर आंखों का सूखना और
- बार-बार आंसू आना
डॉक्टरों के अनुसार संभावित कारण
कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) – इसमें आंखें लाल और सूजी हुई रहती हैं तथा पानी या पस निकल सकता है।
ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome) – आंखें सूखने पर उनकी नमी बनाए रखने के लिए आंसू बार-बार आने लगते हैं।
एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस – धूल, धुआं या पालतू जानवरों से एलर्जी के कारण लगातार पानी आना।
गंभीर समस्याएं – ग्लॉकोमा (काला मोतिया), कॉर्नियल इंफेक्शन या आंसू नलिका का ब्लॉकेज।
बच्चों में – जन्म से ही आंसू नलिका बंद होने पर पानी आना आम है।
अगर आंखों से पानी के साथ दर्द, धुंधलापन या रोशनी चुभने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
कैसे करें बचाव
- आंखों को धूल-मिट्टी और धुएं से बचाएं।
- स्क्रीन पर काम करते समय नियमित ब्रेक लें।
- आंखों को बार-बार न रगड़ें।
- साफ पानी से दिन में 2-3 बार आंखें धोएं।
- संक्रमण या एलर्जी की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
बाहर निकलते समय सनग्लास का इस्तेमाल करे।




