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खतरे की घंटी: IISc की शोध में खुलासा, बर्ड फ्लू का नया स्ट्रेन बन सकता है अगली महामारी

Lucknow Focus News Desk: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनकी हालिया शोध में पाया गया है कि बर्ड फ्लू यानी H5N1 वायरस अब धीरे-धीरे इंसानों में पनपने की क्षमता विकसित कर रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह वायरस अगली बड़ी महामारी का कारण बन सकता है।

करीब तीन दशक पहले पहली बार पक्षियों में मिला यह वायरस अब धीरे-धीरे स्तनधारी जानवरों में फैल रहा है, जिससे इंसानों में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया है। IISc के बायोकेमिस्ट्री डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर केशवर्धन सन्नुला और उनकी टीम ने अपनी रिसर्च में पाया कि फिलहाल फैल रहे H5N1 के 2.3.4.4b क्लेड में ऐसे खास जेनेटिक म्यूटेशन हो रहे हैं, जो इसे इंसानी शरीर के अनुकूल बना रहे हैं।

लोमड़ी से इंसानों में फैलने का खतरा सबसे ज्यादा

शोध के दौरान एक सबसे अहम बात यह सामने आई कि लोमड़ी (fox) में पाया गया वायरस स्ट्रेन गायों के स्ट्रेन की तुलना में इंसानों में फैलने की ज्यादा क्षमता रखता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह क्लेड उन सभी म्यूटेशंस को हासिल कर रहा है जो पहले महामारी फैला चुके इंसानी फ्लू वायरस में थे।

विशेषज्ञों ने इस खतरे को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा निगरानी और टेस्टिंग बढ़ाने की सलाह दी है। खासकर उन जगहों पर जहाँ जानवरों से इंसानों में संक्रमण का खतरा अधिक है, जैसे पोल्ट्री फार्म और जंगली जानवरों के संपर्क वाले इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की जरूरत है।

शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह खतरा अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है, लेकिन अगर इसे हल्के में लिया गया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

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