श्री कल्कि जयंती पर ऐंचोड़ा कंबोह गांव में भव्य आयोजन, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक रहेंगे मुख्य अतिथि

Lucknow Focus News Desk: संभल जनपद के ऐंचोड़ा कंबोह गांव स्थित पवित्र श्री कल्कि धाम में इस बार श्री कल्कि जयंती पर भव्य धार्मिक आयोजन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 31 जुलाई, बुधवार को आयोजित होने वाले इस समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
डिप्टी सीएम कार्यक्रम के दौरान पूजन, शिलादान और गर्भगृह के दर्शन कर श्रद्धालुओं के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। यह आयोजन भगवान विष्णु के दसवें अवतार श्री कल्कि को समर्पित श्री कल्कि धाम में हर साल विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
सुबह 8 बजे से शुरू होगा महायज्ञ, हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल
- समारोह की शुरुआत सुबह 8:00 बजे से श्री कल्कि प्राकट्य महायज्ञ के साथ होगी, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु आहुतियां अर्पित करेंगे।
- सुबह 9:30 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी, जिसका नेतृत्व श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम करेंगे।
- इसके बाद सुबह 10:00 बजे से श्री कल्कि नाम संकीर्तन का आयोजन होगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सामूहिक रूप से भगवान कल्कि की स्तुति करेंगे।
देशभर से उमड़ेंगे श्रद्धालु, विशाल भंडारे की भी व्यवस्था
इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री कल्कि धाम सेवा समिति द्वारा विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी आगंतुकों को प्रसाद रूपी भोजन प्रदान किया जाएगा।
धार्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा यह आयोजन
यह आयोजन सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का भी अद्भुत उदाहरण बनकर उभर रहा है। पूरे संभल जिले में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष चर्चा है।
स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सुविधाओं को लेकर विशेष तैयारी की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
क्या है श्री कल्कि धाम का महत्व?
श्री कल्कि धाम भगवान विष्णु के अंतिम अवतार श्री कल्कि को समर्पित एक पावन स्थल है। यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्व रखता है, बल्कि आध्यात्मिक जागृति और लोक कल्याण के विचारों को भी आगे बढ़ाता है। आचार्य प्रमोद कृष्णम के मार्गदर्शन में यह धाम लगातार देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
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