वायरल बुखार को न लें हल्के में! एक्सपर्ट ने बताए 5 गंभीर लक्षण, नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी

Lucknow Focus News Desk: बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन अक्सर लोग इसे सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हालांकि, कई बार यह लापरवाही खतरनाक हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक दूषित पानी के सेवन, साफ-सफाई पर ध्यान न देने और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर रहने से वायरल बुखार फैलता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में सबसे जल्दी आते हैं।
डॉक्टर्स कुछ ऐसे गंभीर लक्षणों के बारे में बताते हैं, जिन्हें वायरल बुखार के दौरान बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
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अत्यधिक तेज़ बुखार और डिहाइड्रेशन
यदि बुखार 102 डिग्री फ़ारेनहाइट से अधिक हो जाए और दवा लेने के बावजूद कम न हो, तो यह गंभीर संक्रमण का संकेत है। ऐसे में शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो जाती है और अंदरूनी संक्रमण फैल सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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खांसी और सांस लेने में कठिनाई
बुखार के साथ-साथ अगर आपको खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न महसूस हो या सीटी जैसी आवाज़ आने लगे, तो यह फेफड़ों में संक्रमण का संकेत हो सकता है। समय पर ध्यान न देने पर यह निमोनिया में बदल सकता है।
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जोड़ों और मांसपेशियों में असहनीय दर्द
सामान्य बुखार में थोड़ी थकान और हल्का दर्द होता है, लेकिन अगर मांसपेशियों या जोड़ों में सामान्य से अधिक दर्द महसूस हो, चलने-फिरने में भी तकलीफ हो या अचानक तेज़ कमजोरी छा जाए, तो यह डेंगू या चिकनगुनिया जैसे गंभीर वायरल संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं।
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लगातार उल्टी और दस्त
बुखार के साथ अगर लगातार उल्टी और दस्त हो रहे हैं, तो शरीर में तेजी से पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। इसे हल्के में न लेकर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
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न्यूरोलॉजिकल लक्षण
यदि वायरल संक्रमण दिमाग तक पहुंच जाए तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। अगर मरीज को चक्कर आना, बेहोशी, बात करने में दिक्कत हो या दौरे आने जैसी स्थिति बने, तो यह गंभीर न्यूरोलॉजिकल संकेत हैं। ऐसे में मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाकर जांच करानी चाहिए।
वायरल बुखार की पुष्टि और गंभीरता का पता लगाने के लिए डॉक्टर अक्सर वायरल मार्कर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।




