उत्तर प्रदेश

गर्भवती महिला की मौत के मामले में डॉक्टर, तीन स्टाफ नर्स हटाईं गईं

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जाँच के आदेश दिये
सौरभ कुमार तिवारी/लखनऊ फोकस न्यूज
लखनऊ। अयोध्या जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिला की मौत के मामले को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लिया। मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। पांच सदस्यीय कमेटी मामले की जाँच करेगी। इससे पहले ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व तीन स्टाफ नर्स को अस्पताल से हटा दिया गया है।
बीते 16 जुलाई को अयोध्या जिला अस्पताल में गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने गर्भवती को नहीं देखा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घटना पर दुख जाहिर किया है। घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ. फरहीन परवेज, स्टाफ नर्स मीरा गौतम, कुमकुम, और संगम को अस्पताल से हटा दिया गया है। इन सभी को मंडलीय अपर निदेशक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि पांच सदस्यीय कमेटी घटना की जाँच करेगी। लापरवाह मिलने पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
निर्माण में गड़बड़ी करने वाले नपेंगे
आजमगढ़ के महराजगंज ब्लॉक के पैकौली गांव स्थित अस्पताल की छत का प्लास्टर आदि हिस्सा गिरने के प्रकरण की जाँच होगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि अपर निदेशक आजमगढ़ मंडल पूरे मामले की वृहद जाँच करेंगे। 15 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी की भूमिका की भी अपर निदेशक को जांच करेंगे। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल के निर्माण की गुणवत्ता आदि में गड़बड़ी करने वालों को सरकार कभी माफ नहीं करेगी। लखीमपुर खीरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ईसानगर में डॉक्टरों के तबादले समेत दूसरे बिन्दुओं पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। सीएमओ से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

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