बच्चों में तेजी से बढ़ रही है पित्त की पथरी की समस्या, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Lucknow Focus News Desk: पहले बढ़ती उम्र की बीमारी मानी जाने वाली पित्त की थैली में पथरी (Gallstones) की समस्या अब बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में भारतीय शिशु रोग अकादमी (IAP) की एक स्टडी में सामने आया है कि पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आने वाले हर 200 बच्चों में से 1 को पित्त की थैली में पथरी पाई गई। डॉक्टरों ने इसे एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बताया है।
खराब लाइफस्टाइल है मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बच्चों की बदली हुई जीवनशैली और खान-पान इसका मुख्य कारण है। लगातार फास्ट फूड, मीठी चीजें और जंक फूड का सेवन बच्चों के शरीर में कोलेस्ट्रॉल और फैट को बढ़ाता है, जिससे पित्त की पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है।
मोटापा भी एक बड़ा कारण है। बच्चों के खेलने-कूदने का समय कम होना और स्क्रीन टाइम का बढ़ना इस समस्या को और बढ़ा रहा है।
लक्षण और बचाव
अक्सर बच्चों में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते, जिससे माता-पिता पेट दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, अगर बच्चे को लगातार पेट दर्द, मतली, उल्टी या पाचन संबंधी समस्याएं हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर ऐसे मामलों में अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं।
बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है:
- बच्चों को फल और सब्जियां खिलाएं और जंक फूड कम से कम दें।
- स्क्रीन टाइम कम करें और उन्हें आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
- डॉक्टरी सलाह: पेट दर्द या पाचन से जुड़ी समस्या को नज़रअंदाज़ न करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।




