लखनऊ

आज शाम सात बजे लखनऊ में ब्लैक आउट, सायरन की आवाज से घबराएं नहीं, जानिए क्या करना है?

Lucknow Focus News Desk: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। इसके मद्देनज़र देशभर में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर आज लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में सिविल डिफेंस की ओर से मॉकड्रिल आयोजित की गई, ताकि नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा सके।

लखनऊ में मॉकड्रिल के दौरान हवाई हमलों और अन्य खतरों की चेतावनी देने के लिए सायरन बजाया गया। जैसे ही सायरन की आवाज़ गूंजी, लोगों ने ज़मीन पर लेटकर अपने कान बंद कर लिए। इस अभ्यास में नागरिकों को सिखाया गया कि हवाई हमले, बमबारी, गोलीबारी या अन्य आपात स्थिति में खुद को और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।

ब्लैकआउट ड्रिल और ट्रेनिंग

सिविल डिफेंस लखनऊ के चीफ वॉर्डन अमरनाथ मिश्र ने जानकारी दी कि बुधवार रात 7 बजे ब्लैकआउट की मॉकड्रिल होगी। पुलिस लाइंस और उसके आस-पास के क्षेत्रों में बिजली बंद कर लाइव डेमो दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को भूमिगत स्टेशन, मजबूत इमारतों और तहखानों में आश्रय लेने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, यह भी बताया गया कि ऐसे समय में भोजन, पानी और ज़रूरी सामग्री पहले से इन सुरक्षित स्थानों में रखनी चाहिए।

चारबाग रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइंस और शहर के अन्य हिस्सों में हुए रिहर्सल में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और आम लोग शामिल हुए। लोगों को बताया गया कि अगर बमबारी होती है तो मजबूत इमारतों के भीतरी हिस्सों या बंकरों में शरण लें और खिड़कियों से दूर रहें। कोनों पर खड़े रहने की सलाह दी गई।

सायरन की भाषा समझें

रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि शहर में सायरन ऊँची-नीची आवाज़ में बजता है, तो इसका मतलब है कि हवाई हमला संभव है। वहीं अगर सायरन एक सुर में बज रहा हो, तो समझें कि खतरा टल चुका है। यह मॉकड्रिल सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे गांवों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि हर नागरिक आपात स्थिति में सतर्क और सुरक्षित रह सके।

मॉकड्रिल का मकसद

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को संभावित युद्ध या आतंकी हमलों की स्थिति में सजग और तैयार करना है। मॉकड्रिल के जरिए न सिर्फ हवाई हमलों से बचाव की जानकारी दी जा रही है, बल्कि प्राथमिक चिकित्सा, आग बुझाने और दूसरों की मदद करने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है।

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