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दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का शुभारंभ: अब 3 घंटे में पूरा सफर, पीएम मोदी ने दी सौगात

Lucknow Focus News Desk: दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का औपचारिक संचालन आज से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से देहरादून और दिल्ली के बीच की दूरी अब लगभग ढाई से तीन घंटे में तय की जा सकेगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का यह उत्तराखंड का 28वां दौरा है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2023 के आदि कैलाश दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में करीब 40 हजार श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंचे। वहीं, 2024 की शीतकालीन चारधाम यात्रा में 80 हजार श्रद्धालु आए थे, जो 2025 में बढ़कर चार लाख से अधिक हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” के संतुलन के साथ विकास कार्य कर रही है। इस एक्सप्रेसवे पर लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से देवभूमि की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने की अपील की तथा अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले कुंभ को भव्य, दिव्य और स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया।

हजारों श्रमिकों को मिला रोजगार

देहरादून में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। Amritsar इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सहित कई बड़े प्रोजेक्ट देश में विकास के नए द्वार खोल रहे हैं। इन परियोजनाओं से यात्रा समय कम होगा, खर्च घटेगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही हजारों श्रमिकों को रोजगार मिला है और इंजीनियरिंग सहित कई क्षेत्रों को इसका लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखंड के पर्यटन को विशेष बढ़ावा मिलेगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा से जुड़े क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। राज्य विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और “वेड इन इंडिया” जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है, जबकि शीतकालीन धार्मिक यात्राओं में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सालाना दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे, जबकि अब यह राशि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उत्तराखंड में ही ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गांवों तक सड़क पहुंचने में पीढ़ियां लग जाती थीं, लेकिन अब तेजी से सड़कें बन रही हैं और वीरान गांव फिर से आबाद हो रहे हैं।

विकास को बताई राष्ट्र की ‘भाग्य रेखा’

उन्होंने विकास को राष्ट्र की “भाग्य रेखा” बताते हुए कहा कि सड़क, रेलवे और एक्सप्रेसवे देश के भविष्य को दिशा देते हैं। प्रधानमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए पंच बद्री, पंच केदार और पंच प्रयाग सहित प्रदेश के आराध्य देवों को नमन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मां डाट काली का आशीर्वाद मिला है। उत्तराखंड अब अपने गठन के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह परियोजना राज्य के विकास को नई गति देगी। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

आज B. R. Ambedkar की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय संविधान की भावना के अनुरूप हैं और सभी वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बोहाग जैसे नववर्ष पर्वों की शुभकामनाएं देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

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