फाइलेरिया के खात्मे के लिए शिक्षा विभाग और आजीविका मिशन भी मैदान में, 27 जिलों में चलेगा जन-जागरूकता अभियान

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया जैसी घातक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग को बेसिक शिक्षा विभाग और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) का भी साथ मिलने जा रहा है। राज्य के 27 जिलों में चलने वाले सर्वजन दवा सेवन (MDA) अभियान को लेकर इन दोनों विभागों ने मिलकर समर्थन देने का संकल्प लिया है।
बुधवार को हुई एक वर्चुअल बैठक में इन सभी 27 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और UPSRLM के जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान फाइलेरिया को लेकर जागरूकता फैलाने और बच्चों तक दवा पहुंचाने के लिए सभी ने मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
बच्चों को फाइलेरिया से बचाना है जरूरी – डॉ. ए.के. चौधरी
राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जिसके लक्षण कई बार 5 से 15 साल बाद नजर आते हैं। इसलिए बच्चों को समय रहते दवा देना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) के बाद बच्चों को फाइलेरिया-रोधी दवा दी जानी चाहिए और इस काम में शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पहले ही उन ब्लॉकों की पहचान कर चुका है, जहां MDA अभियान चलाया जाना है। डॉ. चौधरी ने शिक्षा विभाग की बीते वर्षों में मिली मदद को भी सराहा और उम्मीद जताई कि इस बार सहयोग और भी मजबूत होगा।
30 साल से फाइलेरिया से जूझ रहे मरीज ने साझा किया दर्द
बैठक के दौरान महेंद्र सिंह नामक व्यक्ति, जो बीते 30 वर्षों से फाइलेरिया से पीड़ित हैं, ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करती है और सामान्य जीवन को मुश्किल बना देती है। उन्होंने बच्चों को समय पर दवा देने की अहमियत बताई और कहा कि अगर वह समय पर दवा लेते तो शायद उन्हें यह बीमारी नहीं होती।
महेंद्र ने यह भी बताया कि कैसे आशा कार्यकर्ता और सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को फाइलेरिया-रोधी दवा के फायदे समझाते हैं। उनकी बातें सुनकर सभी BSA अधिकारी काफी संवेदनशील दिखे और अभियान को गंभीरता से लागू करने का वादा किया।
स्कूलों में होगी विशेष गतिविधियां
बेसिक शिक्षा महानिदेशालय की ओर से सलाहुद्दीन खान ने निर्देश जारी किए कि स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान फाइलेरिया से बचाव पर जागरूकता फैलाई जाए, 8 अगस्त को जन-जागरूकता रैली निकाली जाए और 10 अगस्त को स्कूल परिसर में बच्चों को दवा दी जाए।
UPSRLM के अधिकारियों ने भी जताया सहयोग
बैठक के दूसरे सत्र में UPSRLM के 27 जिलों के अधिकारी भी वर्चुअली शामिल हुए और उन्होंने MDA अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
इन 27 जिलों में चलेगा अभियान
बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, बस्ती, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, औरेया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, कौशांबी, चंदौली, गाजीपुर और मिर्जापुर।
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