विशेष

नेपाल में मजबूत लोकप्रिय सरकार बनने की उम्मीद कीजिए

संपादकीय

हमारा पड़ोसी देश नेपाल आजकल अशांत है। वहां छात्रों के उग्र और हिंसक आंदोलन ने पूरे देश को तहस-नहस कर दिया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को मजबूरन इस्तीफा देना पड़ा और आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करके आम सहमति से सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलवाई गई। उनके नेतृत्व में गठित कार्यकारी सरकार का काम है-अगले छह महीने में देश में नई संसद के चुनाव करवाकर एक लोकप्रिय सरकार का गठन करना।

भारत इस मामले में केवल इस बात पर राहत की सांस ले सकता है कि एक धुर चीन समर्थक ओली सरकार सत्ता से बाहर हो गई है। पर जिस तरह से भारी आगजनी और तोड़फोड़ में नेपाल का विनाश हुआ है, उस नुकसान की भरपाई करने में देश को दशकों लग जाएंगे। फिलहाल राहत की बात है कि सुशीला कार्की भारत की समर्थक हैं। उनकी उच्च शिक्षा भारत (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) में हुई है। हमें यह उम्मीद करनी चाहिए कि आगामी आम चुनाव में एक पूर्ण बहुमत की लोकप्रिय सरकार नेपाल को मिलेगी। वहां खंडित जनादेश नहीं आएगा, क्योंकि खंडित जनादेश आने पर वहां कमजोर सरकार बनेगी, जो नेपाल के पुनर्निर्माण का काम अच्छी तरह से नहीं कर पाएगी। अगर मजबूत सरकार बनेगी तो वहां बेहतर ढंग से विकास हो सकेगा। हमें अपने पड़ोस में एक जिम्मेदार सरकार मिलेगी, जिससे इस हिमालयी राष्ट्र के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंध पुनः परवान आगे बढ़ सकेंगे। दक्षिण एशिया उपमहाद्वीप में सामरिक हितों के लिहाज से यह बहुत जरूरी है कि नेपाल से हमारे संबंध अच्छे हों।

मैगजीन में इस बार की कवर स्टोरी नेपाल के इसी घटनाक्रम पर है, जिसे हमारे सहयोगी यशोदा श्रीवास्तव ने काठमांडू से लौटकर लिखा है। यशोदा श्रीवास्तव, नेपाल मामलों के विशेषज्ञ के तौर पर ख्यातिलब्ध पत्रकार हैं। उनके साथ कवर स्टोरी के लिए फोटो खींचे हैं देवांशु जायसवाल ने। देवांशु काठमांडू के युवा पत्रकार हैं। उम्मीद है कि यह कवर स्टोरी आप सभी को पसंद आएगी।

इस बार यात्रा वृत्तांत में आपको मॉरीशस के बारे में पढ़ने को मिलेगा, जिसे लिखा है गोण्डा के प्रो. (डॉ.) जयशंकर तिवारी ने। वह हाल में ही मॉरीशस की यात्रा करके लौटे हैं। इसी तरह प्रसिद्ध साहित्यकार और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव स्व. शंभु नाथ के निधन पर पर स्मृति आलेख डॉ. अमिता दुबे का है। डॉ. दुबे ने डॉ. शंभु नाथ के जीवन पर एक पुस्तक भी लिखी है, जो बहुत सराही गई है। उस महामनीषी को ’लखनऊ फोकस’ की सादर श्रद्धांजलि।

अंग्रेजी सेक्शन में डॉ. शोभा बाजपेयी की कहानी ’ट्रिक्सिटर’ दी गई है, जो अपने बेहतरीन कथानक और शिल्प सौष्ठव के कारण आपको जरूर पसंद आएगी। इसके अलावा अन्य जरूरी सामग्री और स्थायी स्तंभ भी दिए गए हैं, जो आपको अच्छे लगेंगे। हेल्थ सप्लीमेंट बुके हेल्थ में इस बार भी हमने पाठकोपयोगी खबरें और स्टोरी रखी हैं।

हमारा हमेशा यह प्रयास रहा है कि ’लखनऊ फोकस’ अपनी अच्छी सामग्री और कलेवर के दम पर आप सभी की प्रिय बने। जब तक आप सुधी पाठकजनों का स्नेह इसे नहीं मिलेगा, हमारा सारा परिश्रम व्यर्थ है। इसलिए इस अंक में प्रकाशित सामग्री पर अपनी प्रतिक्रिया से हमें अवश्य अवगत कराएं। इससे हमारी टीम का मनोबल बढ़ेगा। अपनी राय नीचे दिए गए ईमेल पते पर भेंजे। साभिवादन….।

अखिलेश मयंक

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