हाई सोडियम और फैट वाला भोजन बन रहा मोतियाबिंद का कारण! जानिए किन चीजों से करें परहेज़

Lucknow Focus News Desk: बढ़ती उम्र के साथ आंखों में होने वाली समस्याओं में मोतियाबिंद एक आम बीमारी है, जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है। हालांकि उम्र और आनुवंशिक कारण इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार माने जाते हैं, लेकिन अब विशेषज्ञ खान-पान और लाइफस्टाइल को भी आंखों की रोशनी पर बड़ा असर डालने वाला कारक मान रहे हैं।
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग हाई सोडियम और फैट वाला भोजन करते हैं, उनमें हेल्दी फूड खाने वालों की तुलना में मोतियाबिंद का खतरा अधिक होता है। खराब खान-पान आंखों की कोशिकाओं को कमजोर करके मोतियाबिंद को कैसे बढ़ावा देता है, आइए जानते हैं।
- प्रोसेस्ड और फ्राइड फूड्स
फ्राइड चिकन, पैकेज्ड स्नैक्स, चिप्स और फास्ट फूड जैसी चीजों में मौजूद अनहेल्दी फैट्स आंखों की कोशिकाओं पर बुरा असर डालते हैं। ये फैट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन बढ़ाते हैं। इससे आंखों के लेंस में मौजूद प्रोटीन कमजोर हो जाता है, जिससे नजर धुंधली होने लगती है।
क्या करें: इन फ्राइड और प्रोसेस्ड फूड की जगह ताजी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाना खाएं, जो आँखों की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाते हैं।
- अधिक शुगर और मीठे पेय पदार्थ
मीठा खाना या ड्रिंक ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने से आंखों के लेंस के प्रोटीन को नुकसान पहुंचता है, जिससे नजर धीरे-धीरे धुंधली होने लगती है।
परहेज करें: सोडा, कैंडी, पेस्ट्री या फ्लेवर्ड योगर्ट जैसी चीजें आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।
- लाल और प्रोसेस्ड मांस
बीफ, सॉसेज, हॉट डॉग और बेकन जैसी चीजें लंबे समय तक खाने से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। इनमें मौजूद सैचुरेटेड फैट्स, केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स न केवल दिल की सेहत, बल्कि आँखों की सेहत पर भी बुरा असर डालते हैं।
विकल्प: अगर आप इन चीजों से परहेज नहीं कर सकते, तो इनकी जगह चिकन, मछली, दाल या अन्य प्लांट बेस्ड प्रोटीन को प्राथमिकता दें।
- अत्यधिक नमक (सोडियम)
ज्यादा नमक शरीर के फ्लूइड बैलेंस को बिगाड़ देता है। इससे लेंस में तरल पदार्थ का संतुलन गड़बड़ा जाता है और धुंधलापन आ सकता है।
परहेज करें: कैन सूप, फ्रोजन डिनर, डेली मीट और पैकेज्ड स्नैक्स जैसी अधिक नमक वाली चीजों से बचें।
विकल्प: ताजे मसालों या हर्ब्स के साथ घर का बना खाना आंखों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
- रिफाइंड फूड और अत्यधिक अल्कोहल
व्हाइट ब्रेड, पास्ता और पेस्ट्री जैसे रिफाइंड फूड्स भी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे लेंस को नुकसान पहुंचाने वाली ग्लाइकेशन प्रोसेस शुरू हो जाती है। वहीं, ज्यादा शराब पीने से शरीर डिहाइड्रेट होता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे लेंस को नुकसान पहुंच सकता है।
सही लाइफस्टाइल: साबुत अनाज, पर्याप्त पानी पीना और शराब की सीमित मात्रा आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।




