फाइलेरिया उन्मूलन: बाराबंकी में जिला कोर ग्रुप का गठन, ACMO बोले- हर मंच पर साझा करें बचाव की बात

Lucknow Focus News Desk: बाराबंकी जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय सभागार में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. डीके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सोमवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गठित जिला कोर ग्रुप (DCG) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर घोषणा पत्र का विमोचन कर जिला कोर ग्रुप का औपचारिक शुभारम्भ किया गया।
जागरूकता और सर्वजन दवा सेवन पर जोर
एसीएमओ डॉ. श्रीवास्तव ने कमेटी के सदस्यों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जिले में 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (MDA) चलाया जाएगा। जिला कोर ग्रुप से जुड़े हर स्टेक होल्डर को चाहिए कि वे अपने मंचों और बैठकों में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी और उससे बचाव की बात कर लोगों में समझ बनाने के लिए जागरूकता के माध्यम से जन-जन तक साझा करें।

DCG और PSP का गठन
फाइलेरिया उन्मूलन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है।
जिले के 8 ब्लॉकों में 30 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म (PSP) का गठन किया गया है। इसमें सीएचओ, एएनएम, ग्राम प्रधान, आशा, फाइलेरिया मरीज, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और कोटेदार सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।
सभी PSP से दो-दो सक्रिय सदस्यों का चयन कर जिला कोर ग्रुप (DCG) का गठन किया गया है। यह ग्रुप हेल्थ प्रमोशन डे के माध्यम से सभी बीमारियों के प्रति क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने में सहायक होगा।
फाइलेरिया से बचाव और समुदाय की भूमिका
जिला मलेरिया अधिकारी सुजाता ठाकुर ने बताया कि समुदाय की भागीदारी से ही उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने जोर दिया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन लक्षण दिखते ही इलाज शुरू करने और लगातार पांच साल तक साल में एक बार दवा के सेवन से इस बीमारी की चपेट में आने से बचा जा सकता है।
जिला कोर ग्रुप के सदस्य ग्राम प्रधान जगन्नाथ प्रसाद ने आश्वासन दिया कि 10 फरवरी के एमडीए कार्यक्रम के लिए अभी से ग्राम पंचायत स्तर पर बैनर और माइकिंग के माध्यम से समुदाय को जागरूक करने की योजना बनाई जाएगी। वहीं, सहायक अध्यापक वंदना ने विद्यालयों की प्रार्थना सभा और अभिभावक-शिक्षक बैठकों में दवा सेवन का संदेश देने की बात कही।




