रेल मालवहन में क्रांति की तैयारी: दिल्ली में ‘राष्ट्रीय मालवहन संगोष्ठी’ आयोजित, रेलवे ने निजी निवेश व समर्पित गलियारों पर दिया आश्वासन

Lucknow Focus News Desk: देश की प्रमुख लॉजिस्टिक्स और मालवहन कंपनियों ने भारतीय रेलवे में माल ढुलाई (Freight Operations) क्षमता को बढ़ाने के लिए निजी निवेश, समर्पित गलियारों (Dedicated Corridors) और नीतिगत बदलावों की वकालत की है। यह मांग राजधानी दिल्ली के स्कोप कॉम्प्लेक्स में ‘सेंटर फॉर ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड मैनेजमेंट’ (CTRAM) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय मालवहन संगोष्ठी में उठी। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘सिनर्जी ऑन ट्रैक : ट्रांसफार्मिंग इंडियाज लॉजिस्टिक्स-रेल एक्सप्रेस रिवॉल्यूशन’ था।
निजी निवेश और कम यातायात वाले गलियारों का उपयोग
संगोष्ठी में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि कम यातायात वाले समर्पित गलियारों में निजी माल और पार्सल वैगन निवेश योजना लागू की जानी चाहिए।
जेएसडब्ल्यू इंफ्रा के सीईओ रिंकेश रॉय ने कहा कि वैगन निवेश योजना में निजी क्षेत्र को शामिल कर माल ढुलाई क्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने सड़क और रेल के बीच कम दूरी के कंटेनर परिवहन में लागत समानता लाने और अंतिम छोर (Last Mile) तक परिवहन की लागत घटाने पर जोर दिया।
कॉनकॉर (CONCOR) के निदेशक विजय कुमार सिंह ने अत्याधुनिक लोडिंग-अनलोडिंग मशीनरी अपनाने और लौह अयस्क की ढुलाई के लिए नए BOBNS वैगन खरीदने की अनुमति देने की बात कही।
इस संगोष्ठी में टाटा इंटरनेशनल, डीपी वर्ल्ड, डीटीडीसी, अमेजन इंडिया, ब्लू डार्ट, विश्व बैंक और एडीबी के सलाहकारों व वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भारतीय रेल की लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने हेतु अपने विचार साझा किए।
भारतीय रेलवे का सकारात्मक रुख
निर्णयकर्ताओं की ओर से रेलवे बोर्ड के सदस्य (संचालन एवं व्यापार) डॉ. मनोज सिंह, अपर सदस्य (यातायात) देवेन्द्र कुमार और सीटीआरएएम के कार्यकारी निदेशक अमित कुमार सिंह की उपस्थिति रही।
भारतीय रेलवे के कार्यकारी निदेशक (माल ढुलाई) एमएस बाजवा ने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि रेलवे ने इन सुझावों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में मालवहन नीतियों का निर्धारण करते समय इन महत्वपूर्ण सुझावों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।




