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वैश्विक संकटः ट्विटर, फ़ेसबुक की राह पर अब अमेजॉन, 10 हज़ार लोगों की होगी छंटनी

भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भी नौकरियां जाने का मंडरा रहा ख़तरा
नई दिल्ली। विश्व भर में टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को निकाला जा रहा है जिससे टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की नौकरियों पर लगातार संकट मंडरा रहा है। ट्विटर और फ़ेसबुक के बाद अब अमेज़ॉन भी करीब 10 हज़ार लोगों को नौकरी से निकालने जा रही है। बहरहाल, विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भी नौकरियां जाने का ख़तरा है।
यही कारण है कि वैश्विक हालात को देखते हुए कई महीने पहले ही भारतीय कंपनियों ने नई नौकरियां देने पर रोक लगा दी थी।

तीन फीसद कॉरपोरेट व एक फीसद टेक कर्मचारी होंगे प्रभावित
एक समाचार में प्रकाशित खबर के अनुसार इसी हफ़्ते अमेज़ॉन में कॉरपोरेट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी क़रीब 10 हज़ार नौकरियां बंद होने वाली हैं। इस छटनी से अमेज़ॉन के तीन फीसद कॉरपोरेट कर्मचारी और एक फीसद टेक कर्मचारी प्रभावित होंगे। इस छंटनी का बहुत ही अधिक असर एलेक्सा सहित रीटेल डिविज़न और ह्यूमन रिसोर्स टीम पर भी निश्चित रूप से पडे़गा।

ट्विटर ने आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
उल्लेखनीय है कि कुछ हफ़्ते पहले ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क ने क़रीब आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद फ़ेसबुक की मूल कंपनी मेटा ने 11 हज़ार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की। इस कंपनी ने अब तक इतनी बड़ी तादाद में कभी नौकरियों में कटौती नहीं की थी।

वैश्विक मंदी से कंपनी पर कारोबार छोटा करने का दबाव
एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर और दुनिया के अलग-अलग कोनों पर स्थित टेक्नोलॉजी कंपनियों ने या तो अपने यहां खाली पदों को भरना बंद कर दिया है या फिर टीमों को छोटा कर रही हैं। सिंगापुर के मानव संसाधन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां 1.77 लाख रोज़गार कार्ड धारकों में से 45,000 भारतीय हैं। बहरहाल यह कहा जा सकता है कि नौकरियों में कटौती के इस एलान ने कहीं न कहीं यह दर्शाया है कि मंद होती वैश्विक अर्थव्यवस्था ने कंपनी पर कारोबार छोटा करने का दबाव बनाया है।

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