Gonda: पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा आनंद सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति ने खोया एक बड़ा चेहरा

Lucknow Focus News Desk: केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता और मनकापुर राजघराने के प्रमुख राजा आनंद सिंह का रविवार रात निधन हो गया। 87 वर्ष की आयु में उन्होंने लखनऊ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे गोंडा और पूर्वांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के मुताबिक, रविवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचा नहीं सके। उनकी अंतिम यात्रा आज, 7 जुलाई को दोपहर 3 बजे, गोंडा स्थित मनकापुर कोट से निकाली जाएगी।
राजनीति में छह दशकों का अनुभव, चार बार सांसद और मंत्री रहे
राजा आनंद सिंह का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली शख्सियत के तौर पर जाना जाता है। वह चार बार गोंडा लोकसभा सीट से सांसद रहे और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके थे। राजनीति के गलियारों में उन्हें कभी पूर्वांचल की राजनीति का ‘भीष्म पितामाह’ कहा जाता था।
- 1971, 1980, 1984, 1989 में वह कांग्रेस के टिकट पर गोंडा से लोकसभा पहुंचे।
- 2012 में समाजवादी पार्टी से गौरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अखिलेश यादव सरकार में कृषि मंत्री बने।
- अपनी साफ-सुथरी छवि और क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता के लिए उन्हें पूरे गोंडा में सम्मान की नज़र से देखा जाता था।
राजनीति से संन्यास, लेकिन प्रभाव बरकरार
राजा आनंद सिंह ने वर्षों तक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद खुद को सार्वजनिक जीवन से अलग कर लिया था। लेकिन 2021 में उन्होंने फिर से सुर्खियां बटोरीं, जब उन्होंने गौरा से भाजपा विधायक प्रभात वर्मा के टिकट को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक सख्त चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर वर्मा को टिकट दिया गया तो वे अपना राजनीतिक संन्यास तोड़कर फिर से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि बाद में यह विवाद सुलझ गया और वे सार्वजनिक जीवन से अलग ही रहे।
परिवार और राजनीतिक विरासत
उनके पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह, वर्तमान में गोंडा से भाजपा सांसद हैं और केंद्र सरकार में विदेश राज्य मंत्री का दायित्व निभा रहे हैं। पिता की राजनीतिक विरासत और छवि का असर अब कीर्तिवर्धन सिंह के कंधों पर है।
अंतिम दर्शन के लिए जुट रहे लोग
राजा आनंद सिंह के निधन की सूचना मिलते ही गोंडा, मनकापुर, बस्ती, बलरामपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों से लोगों का मनकापुर कोट की ओर आना शुरू हो गया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
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