uncategorized

कर्नाटक में हेट स्पीच रोकथाम बिल को मंजूरी: 3 साल तक की कैद का प्रावधान, अपराध होगा गैर-जमानती

Lucknow Focus News Desk: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बेलगावी में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक, ‘कर्नाटका हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम और नियंत्रण) बिल, 2025’ को पारित कर दिया है। यह बिल अब कानून का रूप लेगा, जिसका उद्देश्य हेट स्पीच और हेट क्राइम को प्रभावी ढंग से रोकना और नियंत्रित करना है, साथ ही व्यक्तियों, समूहों और समाजों पर उनके बुरे असर को कम करना है।

हेट क्राइम के प्रावधान और सजा

इस नए कानून के तहत, हेट क्राइम और हेट स्पीच से संबंधित अपराधों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।

  1. हेट क्राइम की परिभाषा

बिल के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो निम्नलिखित आधारों पर किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है, नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाता है या नफ़रत फैलाता है, वह हेट क्राइम का दोषी माना जाएगा:

धर्म, जाति, समुदाय, लिंग

यौन रुझान (Sexual Orientation)

जन्म स्थान, निवास, भाषा

विकलांगता या जनजाति

यह अपराध किसी व्यक्ति के पूर्वाग्रह या असहिष्णुता के कारण किया गया माना जाएगा।

  1. सजा का प्रावधान

सजा: हेट क्राइम करने वाले को तीन साल तक की कैद या ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है। हेट क्राइम का अपराध गैर-संज्ञेय (Non-Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) होगा। इसकी सुनवाई फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी।

  1. हेट स्पीच की परिभाषा

बिल में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर कुछ भी प्रकाशित, प्रसारित या समर्थन करता है, या एक या ज़्यादा लोगों से इस तरह से बात करता है जिससे उसका स्पष्ट इरादा धर्म, जाति, भाषा, समुदाय और अन्य आधारों पर नुकसान पहुंचाना, उकसाना या नफ़रत फैलाना हो, वह सजा का हकदार होगा।

इसमें वे व्यक्ति भी शामिल होंगे जो इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन पर ऐसी सामग्री प्रोड्यूस या उपलब्ध कराते हैं, जिसे कोई भी एक्सेस कर सकता है, या जो किसी खास व्यक्ति को पहुंचाई जाती है जिसे हेट स्पीच का शिकार माना जा सकता है।

Related Articles

Back to top button