स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ भारत की बुनियाद, अटल जी की जन्म शताब्दी पर लखनऊ में चिकित्सा शिविर एवं संगोष्ठी

Lucknow Focus News Desk: भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी और स्टेट तकमील-उत-तिब्ब कॉलेज द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अकादमी परिसर में “स्वस्थ नागरिक, स्वस्थ भारत अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों के आलोक में” विषय पर संगोष्ठी के साथ-साथ एक निःशुल्क चिकित्सा जागरूकता शिविर भी लगाया गया।

राष्ट्र विकास के लिए स्वास्थ्य अनिवार्य: डॉ. हाशमी
संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए अकादमी के महासचिव डॉ. अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी ने अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा वाजपेयी जी का मानना था कि राष्ट्र की असली शक्ति उसकी जनता का उत्तम स्वास्थ्य है। प्रदूषण मुक्त वातावरण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उनकी समग्र सोच का हिस्सा थीं। उन्होंने सदैव इस बात पर जोर दिया कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत भारत का निर्माण कर सकते हैं।

जीवनशैली और बीमारियों के प्रति जागरूकता
स्टेट तकमील-उत-तिब्ब कॉलेज की प्रभारी प्रोफेसर सफ़िया लोखंडे ने चिकित्सा शिविर के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता को मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप (Hypertension) और मोटापे जैसी आधुनिक जीवनशैली की बीमारियों के प्रति सचेत करना है।

विशेष अंक का विमोचन
इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष एवं संपादक शारिक़ अलवी द्वारा संपादित स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित एक विशेषांक (Special Issue) का विमोचन भी किया गया। यह अंक अटल जी के जीवन और उनके स्वास्थ्य संबंधी विजन पर केंद्रित है।
निःशुल्क जाँच और परामर्श
चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया। शिविर की मुख्य विशेषताएं रहीं। विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जांच और परामर्श। जरूरतमंदों को आवश्यक दवाओं का मुफ्त वितरण।
डॉ. मोहम्मद साक़िब, डॉ. फ़ारिया खातून और डॉ. उबैदुर्रहमान सहित कई चिकित्सकों ने स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा पर अपने विचार साझा किए।




