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कर्नाटक सरकार का ऐतिहासिक फैसला, कामकाजी महिलाओं को अब हर महीने एक दिन की ‘पीरियड लीव’

Lucknow Focus News Desk: कर्नाटक मंत्रिमंडल द्वारा अक्टूबर में अनुमोदित महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश (पीरियड लीव) प्रदान करने के प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने बुधवार, 12 नवंबर को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।

यह निर्णय कामकाजी महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पॉलिसी का विवरण और पात्रता

आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह सवैतनिक अवकाश नीति निम्न श्रेणियों की सभी महिला कर्मचारियों पर लागू होगी। 18 वर्ष से 52 वर्ष के बीच की सभी कामकाजी महिलाएं। सभी स्थायी, संविदा (Contractual) और ठेके (Contract) पर काम करने वाली महिला कर्मचारी। मासिक धर्म के दौरान प्रति वर्ष 12 दिन का सवैतनिक अवकाश (यानी प्रति माह एक दिन)।

यह आदेश फैक्ट्रीज एक्ट, कर्नाटक दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, बागान श्रमिक अधिनियम और मोटर वाहन श्रमिक अधिनियम के तहत आने वाले प्रतिष्ठानों, आईटी कंपनियों सहित सभी पर लागू होगा।

अवकाश लेने के नियम और सुरक्षा

सरकार ने इस आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनियों को इस नियम में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए। उल्लंघन या मासिक धर्म के दौरान वेतन कटौती करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

महिला कर्मचारियों को छुट्टी लेते समय मेडिकल लेटर दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे मौखिक रूप से कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट को सूचित करके यह अवकाश ले सकती हैं।

सरकारी आदेश के अनुसार, महिला कर्मचारियों को अवकाश उसी माह में उपयोग करना होगा। इसका उपयोग न करने पर इसे अगले महीने में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। यह नीति क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की डॉ. सपना एस की अध्यक्षता वाली एक 18 सदस्यीय समिति द्वारा तैयार की गई थी, जिसके मूल प्रस्ताव में श्रम विभाग ने संशोधन कर 6 अवकाश की संख्या को बढ़ाकर 12 कर दिया था।

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