अगर आप भी कर रहे हैं इन 5 लक्षणों को नजरअंदाज, तो हो जाएं सावधान! ये हो सकते हैं High Uric Acid के संकेत

Lucknow Focus News Desk: शरीर में यूरिक एसिड एक प्राकृतिक रूप से बनने वाला वेस्ट प्रोडक्ट है, जो प्यूरीन नामक पदार्थ के टूटने से बनता है। आमतौर पर यह किडनी के जरिए फिल्टर होकर पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब इसका स्तर बढ़ने लगता है या किडनी इसे सही से बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह स्थिति हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) कहलाती है।
अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह गाउट, किडनी स्टोन, जोड़ों में सूजन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। कई बार इसके लक्षण मामूली लगते हैं और हम उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं High Uric Acid के 5 अहम संकेत, जिन पर ध्यान देना जरूरी है:
बार-बार पेशाब आना
अगर आपको सामान्य से अधिक बार पेशाब आने की समस्या है, तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है। यह समस्या किडनी पर दबाव डाल सकती है और कई बार यह डायबिटीज या यूरिन इंफेक्शन से भी जुड़ी हो सकती है। बेहतर होगा कि जांच करवा लें।
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
जब यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है, तो यह किडनी में क्रिस्टल बनाकर स्टोन की वजह बन सकता है। इससे पीठ के निचले हिस्से में या पेशाब करते समय तेज दर्द महसूस हो सकता है। यह लक्षण हल्के में लेने लायक नहीं है।
थकान और कमजोरी
शरीर में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड सूजन और विषाक्त पदार्थों के जमाव का कारण बन सकता है, जिससे व्यक्ति को हर वक्त थकान महसूस होती है। एनर्जी लेवल गिरता है और कमजोरी बनी रहती है। अगर बिना मेहनत के थकान हो रही है, तो यह संकेत हो सकता है।
जोड़ों में अकड़न या दर्द
यूरिक एसिड के क्रिस्टल जब जोड़ों में जमा होते हैं, तो वहां सूजन, अकड़न और दर्द की शुरुआत होती है। इसे गाउट अटैक कहा जाता है, जो अक्सर रात में होता है। शुरुआत अंगूठे के जोड़ से होती है, लेकिन धीरे-धीरे घुटनों, कलाई और कोहनी तक फैल सकता है।
जोड़ों के आसपास त्वचा में बदलाव
अगर आपके जोड़ों के आसपास की त्वचा में लाली, सूजन, चमक या कठोर गांठें (Tophi) नजर आ रही हैं, तो इसे अनदेखा न करें। ये संकेत हो सकते हैं कि यूरिक एसिड क्रिस्टल त्वचा के नीचे जमा हो रहे हैं। समय रहते उपचार न किया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है।
अगर आप उपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि ब्लड टेस्ट कराकर यूरिक एसिड लेवल की जांच करवाएं। समय रहते पहचान और उपचार से गाउट और किडनी से जुड़ी कई परेशानियों से बचा जा सकता है।