उत्तर प्रदेश

भारत-मॉरीशस सहयोग को नई गति: ₹2,000 करोड़ की सहायता और फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का ऐलान

Lucknow Focus News Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मॉरीशस समकक्ष डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम के बीच गुरुवार को वाराणसी में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान, भारत ने मॉरीशस को ₹2,000 करोड़ की बजटीय सहायता देने की घोषणा की, साथ ही फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाने में भी मदद करेगा।

महत्वपूर्ण समझौते और सहयोग के क्षेत्र

दोनों देशों ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है हाइड्रोग्राफी समझौते से समुद्री सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, खासकर चागोस समुद्री संरक्षित क्षेत्र की निगरानी में। मॉरीशस में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह का पुनर्निर्माण भी भारत की मदद से किया जाएगा। अंतरिक्ष अनुसंधान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग से मॉरीशस की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी। दोनों देशों के बीच प्रशासनिक सुधार पर भी समझौता हुआ है, जिसका उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और बेहतर तालमेल स्थापित करना है। भारत मॉरीशस में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा, जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विदेश नीति को दिल्ली से बाहर लाने की पहल

विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि इस बैठक को वाराणसी में आयोजित करने का उद्देश्य विदेश नीति को दिल्ली तक सीमित न रखकर देश के नागरिकों से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मानना है कि विदेश नीति पूरे देश की है।

वाराणसी में जोरदार स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर वाराणसी में जोरदार स्वागत किया गया। बाबतपुर एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। सड़क मार्ग से ताज होटल जाते समय, उनके काफिले पर शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ पुष्पवर्षा की गई। कार्यकर्ताओं ने ‘जीएसटी और धन्यवाद’ लिखी तख्तियां लेकर भी उनका स्वागत किया।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. रामगुलाम शुक्रवार को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन भी करेंगे।

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