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शशि थरूर की अगुवाई में भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा ब्राजील, आतंकवाद पर भारत की नीति से कराएगा अवगत

Lucknow Focus News Desk: कांग्रेस नेता और सांसद डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को ब्राजील पहुंचा है। इस दौरे का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत और स्पष्ट रुख को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।

प्रतिनिधिमंडल कोलंबिया से ब्राजील पहुंचा, जहां ब्रासीलिया एयरपोर्ट पर भारतीय दूतावास के प्रभारी संदीप कुमार कुजूर ने उनका स्वागत किया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी दी कि इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ब्राजील के शीर्ष राजनीतिक नेताओं और सांसदों से मुलाकात करेगा। इनमें राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार सेल्सो अमोरिम, विदेश मंत्रालय की महासचिव मारिया लौरा दा रोचा, सीनेट में भारत-ब्राजील मैत्री मंच के प्रमुख सीनेटर नेल्सन ट्रैड, और ब्राजील की संसद की विदेश एवं रक्षा मामलों की समिति के अध्यक्ष फिलिप बैरोस शामिल हैं।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्पष्ट संदेश

यह प्रतिनिधिमंडल भारत द्वारा वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दौरे पर है। खासकर हाल ही में भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमा पार से हो रहे आतंकी हमलों के मद्देनज़र, यह दौरा भारत की नीतियों और अनुभवों को साझा करने का अहम जरिया बनेगा।

मिशन की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं, जो भारत की लोकतांत्रिक विविधता और एकजुटता का प्रतीक है।

पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में अहम दौरा

प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद की स्थिति को समझाने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत की प्रतिक्रिया से अवगत कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

प्रतिनिधिमंडल यह स्पष्ट करेगा कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करता, और आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत आम सहमति है।

33 वैश्विक राजधानियों का दौरा करेंगे भारतीय दल

यह प्रतिनिधिमंडल उन सात बहुदलीय दलों में से एक है जिन्हें सरकार ने 33 वैश्विक राजधानियों का दौरा कर पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े संबंधों को उजागर करने और भारत का पक्ष रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। भारत की यह कूटनीतिक पहल यह संकेत देती है कि देश केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि राजनयिक स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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