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भारत के शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की उड़ान पर, अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने की ओर

Lucknow Focus News Desk: 25 जून 2025 की दोपहर भारत के लिए एक ऐतिहासिक पल लेकर आई, जब लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष की ओर रवाना हुए। ये सभी Axiom-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट में सवार होकर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) की ओर रवाना हुए। यह मिशन कई बार तकनीकी कारणों और मौसम की वजह से टल चुका था, लेकिन इस बार आखिरकार लॉन्चिंग सफल रही।

भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने शुभांशु शुक्ला

1984 में राकेश शर्मा के बाद, शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने हैं जिन्होंने अंतरिक्ष की उड़ान भरी है। खास बात यह है कि शुभांशु पहले भारतीय हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर जाकर 14 दिनों तक वहां वैज्ञानिक शोध करेंगे।

मिशन में कौन-कौन है शामिल?

इस मिशन में भारत के शुभांशु शुक्ला के अलावा:

पोलैंड से स्लावोस्ज़ अज़नान्स्की विज़नियेवस्की

हंगरी से टीबोर कापू

और अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिट्सन भी शामिल हैं, जो इस मिशन की कमान संभाल रही हैं।

शुभांशु की पृष्ठभूमि

शुभांशु भारतीय वायुसेना के अनुभवी टेस्ट पायलट हैं। उनके पास Su-30 MKI, मिग-21, मिग-29, जैगुआर और हॉक जैसे विमानों को उड़ाने का 3000 घंटे से अधिक का अनुभव है। उन्होंने रूस के यूरी गागरिन ट्रेनिंग सेंटर में विशेष प्रशिक्षण लिया है और ISRO के गगनयान मिशन के लिए भी नामित किए गए थे।

अंतरिक्ष में क्या करेंगे शुभांशु?

  • शुभांशु शुक्ला इस मिशन में कई अहम वैज्ञानिक प्रयोगों का हिस्सा होंगे।
  • मूंग और मेथी जैसी फसलों को अंतरिक्ष में उगाने का प्रयास किया जाएगा।
  • मानव शरीर पर शून्य गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।
  • शुभांशु अंतरिक्ष में योग भी करेंगे और भारत की सांस्कृतिक छवि को अंतरिक्ष में भी प्रस्तुत करेंगे।

वह अपने साथ एक भारतीय मिठाई का डिब्बा और एक हंस के आकार का खिलौना “जॉय” भी ले गए हैं, जो अंतरिक्ष में तैरता रहेगा और इस मिशन का प्रतीक होगा।

भारतीय छात्रों से करेंगे संवाद

मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला भारत के छात्रों से सीधे संवाद करेंगे ताकि STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के क्षेत्र में उनकी रुचि बढ़ाई जा सके। वह अंतरिक्ष से अपने अनुभवों की तस्वीरें और वीडियो साझा करेंगे, जो देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।

भारत के गगनयान मिशन के लिए मील का पत्थर

Axiom-4 मिशन के अनुभव भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन “गगनयान” (2026) के लिए बेहद अहम साबित होंगे। गगनयान मिशन के तहत तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा।

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