उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति: ‘इन्वेस्ट यूपी’ का पुनर्गठन, देश-विदेश में खुलेंगे 5 सैटेलाइट ऑफिस

Lucknow Focus News Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को इन्वेस्ट यूपी शासी निकाय की पहली बैठक संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश के औद्योगिक निवेश ढांचे को मज़बूती देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) के पुनर्गठन प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, जिसका लक्ष्य संस्था को अधिक विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित बनाना है।

विशेषज्ञ सेल्स का गठन और 5 शहरों में सैटेलाइट ऑफिस

पुनर्गठन के तहत, इन्वेस्ट यूपी में प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए विशेषज्ञ सेल्स (Specialised Cells) का गठन किया जाएगा।

निवेश को बढ़ावा देने के लिए, देश के पांच प्रमुख शहरों  मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली  में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे। इन कार्यालयों के माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन कार्यालयों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

‘सिंगल विंडो’ एजेंसी और प्रशासनिक निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ढांचा इन्वेस्ट यूपी को एक ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ (Single Investment Facilitation Agency) के रूप में सशक्त बनाएगा। यह एजेंसी न केवल निवेश आकर्षित करेगी, बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी सक्रिय निगरानी भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने इस ढांचे को त्वरित प्रभाव से लागू करने और प्रत्येक प्रकोष्ठ (सेल) का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का निर्देश दिया।

बैठक में 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। साथ ही, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) को प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने तथा भूमि बैंक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें दो पीसीएस अधिकारी (उपजिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी स्तर) तैनात होंगे।

औद्योगिक प्रगति: ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ का असर

बैठक में बताया गया कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हुई हैं, जिससे प्रदेश में इकाइयों की कुल संख्या लगभग 27,000 तक पहुँच गई है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के सफल क्रियान्वयन का प्रमाण बताया।

निवेश प्रोत्साहन की समीक्षा: फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित किए गए हैं। अब तक 50 नए एमओयू (MOU) हस्ताक्षरित हो चुके हैं।

मानव संसाधन पर ज़ोर: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निवेशक इकाइयों को भूमि और सब्सिडी के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी संवाद बढ़ाया जाए।

ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और निवेश मित्र 3.0

ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश अब ‘ग्राउंड लेवल डिलीवरी’ का उदाहरण बन चुका है।

निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया समय में 30% तक की कमी। दस्तावेजी औपचारिकताओं में 50% तक की कमी। पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन, डायनेमिक एप्लीकेशन सिस्टम, एआई आधारित चैटबॉट और थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल की जा रही हैं।

भूमि बैंक और क्लस्टर विकास पर फोकस

बैठक में जानकारी दी गई कि विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास 25,000 एकड़ से अधिक ग्रीनफील्ड भूमि और 6,300 एकड़ से अधिक रेडी-टू-मूव भूमि निवेश के लिए उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण में किसानों और व्यापारियों से सीधा संवाद किया जाए तथा सर्किल रेट की असमानताओं को समाप्त किया जाए। अप्रयुक्त औद्योगिक भूखंडों को निर्धारित समय सीमा के बाद निरस्त कर नए निवेशकों को आवंटित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यूपीडा, यूपीसीडा और अन्य औद्योगिक प्राधिकरणों को ऑटोमोबाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा।

‘चाइना+1’ रणनीति में यूपी बन रहा पसंदीदा केंद्र

बैठक में बताया गया कि ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पसंदीदा निवेश केंद्र बन रहा है। वर्तमान में 219 कंपनियाँ निवेश प्रक्रिया के सक्रिय चरण में हैं, जिनमें जापान, कोरिया और ताइवान की अग्रणी कंपनियाँ शामिल हैं।

फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान, सिंगापुर और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है, जिन्हें ठोस निवेश परिणामों पर कार्य करने का निर्देश दिया गया है।

Related Articles

Back to top button