जलकल कर्मचारियों ने 23 जुलाई तक दिया अल्टीमेटम, समस्याएं न सुलझीं तो फिर होगा आंदोलन

Lucknow Focus News Desk: राजधानी लखनऊ में जलकल विभाग से जुड़े कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने एक बार फिर प्रशासन को दो टूक अल्टीमेटम दे दिया है। समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर 2 जुलाई को प्रशासन और समिति के बीच हुई सहमति के अनुसार कर्मचारियों की मांगों को आगामी 20 दिनों (यानी 23 जुलाई 2025 तक) लागू नहीं किया गया, तो कर्मचारी मजबूरन फिर से आंदोलन और भूख हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे।
यह फैसला जलकल कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) की 3 जुलाई को ऐशबाग स्थित जल संस्थान परिसर में हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक नेबू लाल ने की। इसमें सभी पदाधिकारी शामिल हुए और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक समझौते को अमल में नहीं लाया जाता, आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित रखा जाएगा, लेकिन समिति प्रशासन से निरंतर संवाद और दबाव बनाए रखेगी।
प्रशासन को दी गई अंतिम चेतावनी
संघर्ष समिति ने प्रशासन से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। समिति का कहना है कि यदि इस दिशा में जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन फिर से तेज किया जाएगा और उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जलकल प्रशासन पर होगी।
बैठक में मौजूद रहे ये प्रमुख पदाधिकारी:
नेबू लाल – संयोजक
रूपेन्द्र कुमार पांडेय, राजेन्द्र यादव, रमेश तिवारी, शिव गोविन्द, सूरजभान सिंह, श्यामलाल, हरीश कुमार, अशोक कुमार, धर्मपाल, हरेश कुमार – उप संयोजक
हिमांशु निगम – मीडिया प्रभारी
डी. बी. सिंह चौहान – विधिक सलाहकार
मीडिया से अपील
संघर्ष समिति के उप संयोजक सूरजभान सिंह ने सभी समाचार माध्यमों से अनुरोध किया है कि वे कर्मचारियों की आवाज़ को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें और इस समाचार को अपने सम्मानित समाचार पत्रों व पोर्टल पर प्रमुखता से प्रकाशित करें।
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