यूपी में फाइलेरिया के खिलाफ बड़ी कामयाबी, 88% लोगों ने खाई दवा, इनकार करने वालों को भी जागरूक किया

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया को खत्म करने के लिए चलाए गए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान में बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश के 27 जिलों में 88% से ज़्यादा लोगों ने फाइलेरिया की दवा खाई। इस अभियान में कानपुर और कुशीनगर में सबसे ज़्यादा, 91%, लोगों ने दवा का सेवन किया। सबसे खास बात यह रही कि पहली बार, दवा लेने से इनकार करने वाले 86% लोगों को भी समझा-बुझाकर दवा खिलाने में कामयाबी मिली।
अभियान को मिली शानदार सफलता
2027 तक फाइलेरिया खत्म करने के लक्ष्य को देखते हुए यह अभियान बेहद अहम था। स्वास्थ्य विभाग के सामने करीब साढ़े चार करोड़ लोगों तक पहुंचने की चुनौती थी। इसके लिए, विभाग ने माइक्रो-प्लानिंग, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और मेडिकल कॉलेजों की मदद ली। कम्युनिटी रेडियो, नुक्कड़ नाटक और रात्रि चौपालों के ज़रिए लोगों को जागरूक किया गया। इसी का नतीजा है कि इस बार अभियान में अगस्त 2024 के मुकाबले 4% ज़्यादा लोगों को कवर किया गया।
इन जिलों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
राज्य फाइलेरिया इकाई के आंकड़ों के अनुसार कानपुर देहात, सीतापुर, चंदौली, औरैया, श्रावस्ती, सुलतानपुर और फर्रुखाबाद में 89% से ज़्यादा लोगों ने दवा खाई। रायबरेली, कौशांबी, बलरामपुर, महराजगंज, देवरिया, गोंडा, बस्ती और गाजीपुर में 88% कवरेज मिला। संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, हरदोई, खीरी, गोरखपुर, बहराइच, कन्नौज और मिर्जापुर में 85 से 87% कवरेज रहा।
देवरिया ने ‘ना’ को ‘हाँ’ में बदला
इस अभियान में एक बड़ी चुनौती उन लोगों को समझाना था जो दवा लेने से मना कर देते थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पहले ही ऐसे लोगों की पहचान कर ली थी। इसी का नतीजा रहा कि देवरिया ने इनकार करने वाले सभी लोगों को दवा खिलाकर 100% सफलता हासिल की। इसके अलावा, श्रावस्ती, फर्रुखाबाद, रायबरेली, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, गोरखपुर और मिर्जापुर ने भी 90% से ज़्यादा ऐसे लोगों को दवा खिलाने में कामयाबी पाई।




