लखनऊ: विश्व बाल दिवस पर ‘तरंग’ कार्यक्रम का समापन, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बच्चों को बताया ‘झिलमिलाते नन्हे सितारे’

Lucknow Focus News Desk: विश्व बाल दिवस (20 नवम्बर 2025) के अवसर पर, उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित दो-दिवसीय राज्य-स्तरीय कार्यक्रम “तरंग” का गरिमामयी समापन आज भागीदारी भवन, गोमती नगर में किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के बच्चों के अधिकारों, अभिव्यक्ति और उनके बचपन का उत्सव मनाना था।
मुख्य अतिथि और गणमान्य उपस्थिति
कार्यक्रम की शोभा कैबिनेट मंत्री, महिला एवं बाल विकास एवं पोषण विभाग, मा. बेबी रानी मौर्य (मुख्य अतिथि) और राज्य मंत्री मा. श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने बढ़ाई।
वरिष्ठ अधिकारी: अपर मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लीना जौहरी, निदेशक, महिला कल्याण संदीप कौर, और यूनिसेफ चीफ जकारी एडम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतिभागी: प्रदेश भर की राजकीय बाल देखरेख संस्थाओं से चयनित बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गतिविधियों और सम्मान
“तरंग” कार्यक्रम 19-20 नवम्बर को आयोजित किया गया। 19 नवम्बर को लिटरेसी हाउस में बच्चों के लिए नृत्य, संगीत, पेंटिंग, स्टोरी-टेलिंग, और रचनात्मक गतिविधियों जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
पुरस्कार: 20 नवम्बर को समापन समारोह में दो दिनों की गतिविधियों के विजेता बच्चों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
देखभाल स्टाफ का सम्मान: इस मंच पर बच्चों की सुरक्षा और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देखभालकर्ताओं एवं सहयोगी स्टाफ के समर्पण और सेवाभाव की भी प्रशंसा की गई।
प्रमुख वक्ताओं के संदेश
कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य: उन्होंने बच्चों को “झिलमिलाते नन्हे सितारे” बताते हुए कहा कि “तरंग बच्चों की ऊर्जा, उत्साह, संवेदनाओं और आनंद का प्रतीक है।” उन्होंने बच्चों से सक्षम बनने, बड़े सपने देखने और यह याद रखने का आग्रह किया कि “हर बच्चा विशेष है और कल्याणकारी सेवाओं तक पहुँच का अधिकार रखता है।”
राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला: उन्होंने “तरंग” को बच्चों में आत्मविश्वास, प्रेरणा और सकारात्मक सोच मजबूत करने वाला उत्सव बताया। उन्होंने बच्चों को कृतज्ञ रहने और हर चुनौती का साहस से सामना करने के लिए प्रेरित किया।
अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी: उन्होंने बच्चों की अद्भुत रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि “तरंग” 10 नवम्बर से शुरू हुए जिला-स्तरीय बाल कार्यक्रमों की श्रृंखला का राज्य-स्तरीय मंच है, जो बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
यूनिसेफ चीफ जकारी एडम: उन्होंने विश्व बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला (बाल अधिकार अभिसमय को स्वीकार करने का दिन) और कहा कि “यदि बच्चे आगे बढ़ते हैं, तो राज्य स्वयं प्रगति करता है और देश वैश्विक स्तर पर सशक्त रूप में उभरता है।”




