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CBSE क्लास 6 के छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ‘थ्री लैंग्वेज पॉलिसी’ 2027 से होगी लागू

Lucknow Focus News Desk: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को निर्देश दिया है कि वर्तमान सत्र में कक्षा 6 में पढ़ रहे छात्रों को ‘थ्री लैंग्वेज पॉलिसी’ (तीन-भाषा नीति) में वही राहत दी जाए, जो कक्षा 7, 8 और 9 के विद्यार्थियों को मिली हुई है। अदालत के इस आदेश के बाद अब यह नीति शैक्षणिक सत्र 2027-28 से (1 अप्रैल 2027 से) कक्षा 6 के छात्रों के लिए अनिवार्य रूप से लागू होगी।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और मुख्य बिंदु

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि वर्तमान में कक्षा 6 में पढ़ रहे बच्चों पर अचानक नई भाषा नीति थोपने से उन पर मानसिक दबाव पड़ेगा, क्योंकि कई छात्र चौथी कक्षा से ही अपनी पसंद की भाषाएं पढ़ रहे हैं।

कोर्ट के सुझाव पर CBSE की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने सहमति जताई कि बोर्ड इस नीति को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने पर विचार करेगा। हालांकि, जो छात्र वर्तमान सत्र में ही तीन भाषाएं पढ़ना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति होगी।

केंद्र सरकार और CBSE का तर्क था कि लगभग 99% स्कूल इस नीति को इसी सत्र (2026-27) से लागू करने के लिए तैयार हैं और कक्षा 6 को छूट देने की आवश्यकता नहीं है, परंतु शीर्ष अदालत ने छात्रों के हित को सर्वोपरि मानते हुए छूट देने का निर्देश दिया।

क्या है थ्री लैंग्वेज पॉलिसी?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत कक्षा 6 से तीन भाषाओं (R1, R2, R3) का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिसमें कम से कम 2 भारतीय भाषाओं का शामिल होना आवश्यक है।

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