ममता बनर्जी का चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला, ‘SIR’ प्रक्रिया में गड़बड़ी का लगाया आरोप

Lucknow Focus News Desk: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष की (INDIA) गठबंधन बैठक के दौरान और मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय नागरिकों के मताधिकार छीने जा रहे हैं और निष्पक्ष प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है।
ममता बनर्जी के बयान व आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला: ममता बनर्जी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए उन्हें “वैनिश कुमार” और “डाकू” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के वैध मतदाताओं के अधिकारों को गायब (Vanish) करने का काम किया जा रहा है, इसलिए वे उनका नाम नहीं लेंगी और उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।
एसआईआर (SIR) पर प्रक्रियात्मक सवाल: उन्होंने दावा किया कि एसआईआर पर शुरुआत में कोई व्यापक चर्चा नहीं हुई थी, लेकिन जब टीएमसी ने बंगाल में इसके खिलाफ आवाज उठाई तब इस पर बहस शुरू हुई। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आरजेडी और कांग्रेस ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मुद्दा उठाने में देरी कर दी थी, जबकि टीएमसी ने इसे बारीकी से उठाया।
टीएमसी प्रभाव वाले क्षेत्रों को निशाना बनाने का आरोप: टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों के माध्यम से बंगाल में लोगों को टीएमसी के पक्ष में वोट न देने के लिए डराया गया। साथ ही, जिन सीटों पर टीएमसी जीती थी, वहां के वोटरों के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से हटा दिए गए।
2023 की ‘इम्युनिटी’ पर सवाल व इस्तीफे की मांग: ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देने वाले 2023 के इम्युनिटी प्रावधान पर सवाल खड़े किए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विपक्षी दल बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।




