मनकामेश्वर महंत देव्यागिरि ने किया ‘जी-जे एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्टस’ का उद्घाटन

Lucknow Focus News Desk: कला और नाट्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए लखनऊ में निजी क्षेत्र की अपनी तरह की पहली “जी-जे एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्टस” का उद्घाटन गुरुवार, 16 अक्टूबर को मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्यागिरि ने किया।
यह एकेडमी उत्तरधौना थाना बीबीडी के गुरुकुल सदन में स्थित है। वरिष्ठ संगीतज्ञ आलोक श्रीवास्तव इस संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं, जबकि माधवी निगम प्रबंध निदेशिका (Managing Director) हैं।
नाट्य कर्म का उद्देश्य मनोरंजन नहीं, संस्कार है: महंत देव्यागिरि
अकादमी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महंत देव्यागिरि ने नाट्य कला के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “नाट्य कर्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। वास्तव में यह ऐसी सम्पूर्ण कला है, जिससे समाज को संस्कारित किया जा सकता है। पंचम वेद कहे जाने वाले नाट्यशास्त्र की इस कला को जन-जन तक पहुंचाने की परम आवश्यकता है।”
अकादमी के प्रमुख कार्यक्षेत्र
यह संस्थान विभिन्न नाट्य और संस्कार संबंधित गतिविधियों का संचालन करेगा।
ड्रामा कोर्स: एक साल और तीन महीने के ड्रामेटिक सर्टिफिकेट कोर्स।
वरिष्ठजन ड्रामा क्लब: वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष ड्रामेटिक क्लब।
बाल संस्कारशाला: 5 से 16 आयु वर्ग के बच्चों को संस्कारित करने के लिए पूरे शहर में जगह-जगह समय-समय पर संस्कारशाला का आयोजन।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी चित्रा मोहन, मृदुला भारद्वाज, ललित सिंह पोखरिया, अशोक बनर्जी, उषा बनर्जी, संगम बहुगुणा, भारतेन्दु नाट्य अकादमी के पूर्व निदेशक सुशील कुमार सिंह, उर्दू अकादमी के पूर्व सचिव एस. रिजवान, और मुंबई से आमंत्रित निशीथ चन्द्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संस्थान के निदेशक मंडल में शामिल एच.ए.एल. के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव, वरिष्ठ कवयित्री ज्योति किरण सिन्हा और वरिष्ठ चिकित्सक रूपाली श्रीवास्तव ने भी अकादमी के विस्तृत कार्यक्षेत्रों की जानकारी दी।




