उत्तर प्रदेश

मथुरा में दो ईंट भट्ठों से 90 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, 28 बच्चे भी शामिल

Lucknow Foucs News Desk: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिले के नौझील थाना क्षेत्र स्थित दो ईंट भट्ठों पर छापेमारी के दौरान 90 अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। इनमें 33 पुरुष, 27 महिलाएं और 28 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। ये सभी पिछले कुछ महीनों से यहां ईंट भट्ठों पर मजदूरी का काम कर रहे थे।

खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस और एलआईयू को इन बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध मौजूदगी की जानकारी गोपनीय सूत्रों से मिली थी। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और दो अलग-अलग भट्ठों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पहले एक भट्ठे से 40 लोग पकड़े गए, जिनसे पूछताछ के बाद दूसरे भट्ठे पर छापा मारा गया और अतिरिक्त 50 लोग पकड़े गए।

कब और कैसे आए थे भारत?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी लोग लगभग तीन से चार महीने पहले भारत में दाखिल हुए थे। बताया जा रहा है कि ये बांग्लादेशी नागरिक विभिन्न रास्तों से पास के राज्यों में प्रवेश करने के बाद मथुरा पहुंचे और यहां ईंट भट्ठों पर मजदूरी करने लगे। फिलहाल, ये सभी वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रह रहे थे।

भट्ठा मालिकों पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस ने भट्ठा मालिकों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि जिन भट्ठा संचालकों ने इन अवैध नागरिकों को रोजगार दिया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह जांच की जा रही है कि क्या जानबूझकर इन लोगों को छुपाया गया या बिना पहचान सत्यापन के काम पर रखा गया।

जारी है सघन तलाशी अभियान

पुलिस और एलआईयू की टीमें अब जिले के अन्य इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी अवैध बांग्लादेशी नागरिक तो मौजूद नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीरता से लिया जा रहा है।

विदेशी अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिकों पर अब विदेशी नागरिक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उनकी पहचान और देश में प्रवेश के तरीकों की भी गहराई से जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अवैध रूप से देश में प्रवेश कर काम कर रहे लोगों पर अब कानून सख्त रवैया अपनाएगा, साथ ही उन लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा जो ऐसे मामलों में सहयोगी की भूमिका निभाते हैं।

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