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मोदी सरकार के बड़े फैसले: किसानों के लिए NCDC का फंड 2000 करोड़ बढ़ा, रेलवे को मिलीं नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं

Lucknow Focus News Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को किसानों, सहकारिता और रेलवे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इनका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना है।

किसानों और सहकारी समितियों के लिए 2000 करोड़ रुपये की मद

मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को 2025-26 से 2028-29 तक चार साल की अवधि के लिए 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने को मंजूरी दी है। इस अनुदान से NCDC को खुले बाज़ार से अतिरिक्त 20,000 करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिलेगी। इस राशि का उपयोग नई परियोजनाओं की स्थापना, मौजूदा संयंत्रों के विस्तार और सहकारी समितियों को ऋण देने के लिए किया जाएगा।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि NCDC 8.25 लाख से अधिक सहकारी समितियों को ऋण देता है, जिनके 29 करोड़ सदस्य हैं, जिनमें से 94% किसान हैं। इस कदम से डेयरी, मत्स्य पालन, चीनी, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों से जुड़ी 13,288 सहकारी समितियों को सीधा लाभ मिलेगा।

PM किसान संपदा योजना का बजट 6,520 करोड़ रुपये हुआ

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के लिए इस योजना के बजट में 1,920 करोड़ रुपये का अतिरिक्त परिव्यय जोड़ा गया है, जिससे इसका कुल परिव्यय बढ़कर 6,520 करोड़ रुपये हो गया है। इस राशि का उपयोग फूड टेस्टिंग लैब और फूड विकिरण इकाइयों जैसी ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।

रेलवे के लिए चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

सरकार ने रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए चार नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी हरी झंडी दे दी है। यह परियोजनाएं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के 13 जिलों को कवर करेंगी, जिससे भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क लगभग 574 किलोमीटर बढ़ जाएगा।

इटारसी-नागपुर चौथी लाइन: दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-हावड़ा कॉरिडोर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है।

अलुआबाड़ी-न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी/चौथी लाइन: 57 किलोमीटर लंबी इस लाइन का विस्तार पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी के लिए बेहद जरूरी है।

छत्रपति संभाजी नगर-परभणी दोहरीकरण: 177 किलोमीटर लंबी इस सिंगल लाइन को दोहरीकरण की मंजूरी मिली है। इससे मराठवाड़ा की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लॉजिस्टिक्स लागत में सालाना लगभग 1,714 करोड़ रुपये की बचत होगी।

इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 11,169 करोड़ रुपये आएगी। यह फैसले कृषि और रेलवे दोनों क्षेत्रों में एक नई गति लाने का प्रयास हैं।

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