पुरानी पेंशन बहाली के लिए तेज़ होगा आंदोलन, लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन की बैठक में लिया गया संकल्प

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन की त्रैमासिक प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के गांधी भवन में आयोजित हुई। इस अहम बैठक में कर्मचारियों की कई वर्षों से लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, साथ ही पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन को और तेज़ करने का सर्वसम्मति से संकल्प भी लिया गया।
बैठक में प्रमुखता से यह मुद्दा उठा कि विभागीय स्तर पर कर्मचारियों की फाइलें वर्षों से लंबित पड़ी हैं और कार्मिकों के उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके अलावा अवर अभियंताओं के लिए निर्धारित 5% विभागीय कोटे के पदों पर पदोन्नति न होने पर भी रोष व्यक्त किया गया। प्रतिनिधियों ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख मांगें और निर्णय
बैठक में यह भी तय हुआ कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र तैयार कर प्रमुख अभियंता को सौंपा जाएगा। इसमें पुरानी पेंशन बहाली, विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, कर्मचारियों के उत्पीड़न पर रोक और जिला व मंडल स्तर की समस्याओं के समाधान की मांगें प्रमुख रूप से शामिल होंगी।
नेताओं का संबोधन और संगठन की प्रतिबद्धता
इस बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हमारा संगठन हमेशा कर्मचारियों के हक और सम्मान के लिए खड़ा रहा है। आने वाले समय में हम और भी मज़बूती से अपनी आवाज़ उठाएंगे।”
बैठक का संचालन महामंत्री देवेंद्र यादव ने किया। इस दौरान संगठन के संरक्षक एस.पी. सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपेश सिंह, उपाध्यक्ष प्रतीक गुप्ता, कोषाध्यक्ष आशीष खरे, संयुक्त मंत्री हुकुम सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन के प्रांतीय महामंत्री मंसूर अली, राज्य कर्मचारी महासंघ के संरक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश मिश्रा और कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
आंदोलन के लिए व्यापक रणनीति जल्द
बैठक में यह भी संकेत मिला कि आने वाले दिनों में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर प्रदेशव्यापी स्तर पर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों को संगठित कर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है।




