लखनऊ

‘गांधी से शास्त्री तक: बदलता भारत’ राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन: मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी में ‘विचार से कार्य तक’ पखवाड़े का शुभारंभ

Lucknow Focus News Desk: मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी, लखनऊ के तत्वावधान में महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और सर सैयद अहमद ख़ाँ की जयंती के अवसर पर ‘विचार से कार्य तक’ पखवाड़े का आगाज़ ‘गांधी से शास्त्री तक : बदलता भारत’ विषयक राष्ट्रीय वेबिनार से हुआ। 2 से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस पखवाड़े का उद्देश्य महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

वेबिनार में प्रस्तुत मुख्य विचार व वक्तव्य

प्रो. शशिकांत पांडेय (विभागाध्यक्ष – राजनीति विज्ञान, BBAU लखनऊ): मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी का लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित न होकर जनभागीदारी, सामाजिक समानता, विकेंद्रीकरण और जिम्मेदार नागरिकता पर आधारित था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को आम जन से जोड़कर ‘ग्राम स्वराज’ का स्वरूप दिया।

वंदना मिश्र (वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता): उन्होंने मताधिकार की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति प्रत्येक नागरिक के समान वोटिंग अधिकार में है। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका से ही भारतीयों के मताधिकार के लिए आवाज उठाई थी और महिलाओं को आंदोलन से जोड़कर जनभागीदारी को मजबूत किया।

प्रतुल जोशी (वरिष्ठ पत्रकार व लेखक): उन्होंने कहा कि जहां गांधी जी कुटीर उद्योगों व ग्राम विकास से आत्मनिर्भर भारत चाहते थे, वहीं शास्त्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे से देश की खाद्य सुरक्षा व सीमा सुरक्षा की चेतना जगाई।

प्रो. रुद्र प्रसाद साहू (अम्बेडकर विश्वविद्यालय): शास्त्री जी के प्रशासनिक दृष्टिकोण पर चर्चा करते हुए उन्होंने उनकी सादगी, निष्पक्षता और विशेषज्ञ आधारित उत्तरदायी शासन शैली को प्रेरणादायी बताया।

अध्यक्षीय व स्वागत संबोधन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रांची से शहनवाज़ खान ने कहा कि गांधी, सर सैयद और शास्त्री के सिद्धांतों को अपनाकर ही भारत सामाजिक व शैक्षिक रूप से विकसित हो सकता है। अकादमी के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

Related Articles

Back to top button