सावन में रखें ‘आयुर्वेदिक व्रत’: शरीर से बाहर निकलेंगे सारे टॉक्सिन्स, वापस लौट आएगी खोई हुई ऊर्जा

Lucknow Focus News Desk: सावन के पवित्र महीने में उपवास रखना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा है, लेकिन अगर इसे आयुर्वेद के नियमों के अनुसार किया जाए, तो यह शरीर को गजब के फायदे पहुंचा सकता है। आयुर्वेदिक उपवास न केवल शरीर को डिटॉक्स (विषैले तत्वों को बाहर) करता है, बल्कि भीतर पनप रहे रोगों को भी जड़ से खत्म करता है।
आयुर्वेद सिर्फ रोगों को ठीक नहीं करता, बल्कि उनके कारणों को सुधारता है। आयुर्वेद में एक प्रसिद्ध कहावत है “आप वह नहीं हैं जो आप खाते हैं, बल्कि वह हैं जो आप पचाते हैं।” भोजन का मुख्य उद्देश्य शरीर द्वारा पोषक तत्वों को सोखना और अपशिष्ट (मल, मूत्र, पसीने) को बाहर निकालना है। जब हम उपवास करते हैं, तो पाचन तंत्र को आराम मिलता है और शरीर में टॉक्सिन्स का बनना कम हो जाता है।
आयुर्वेदिक व्रत में क्या खाएं?
पाचन को दुरुस्त रखने और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए इन चीजों का सेवन करें:
- फल और हरी सब्जियां: ताजे फल, उबली सब्जियां और इनका सूप या जूस पिएं, जो पचाने में बेहद हल्के होते हैं।
- व्रत के विशेष अनाज: कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगिरा (अमरंत), साबूदाना और सामक के चावल खाएं। ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
- डेयरी प्रोडक्ट्स: सीमित मात्रा में दूध, दही, छाछ, पनीर, मक्खन और घी का सेवन करें ताकि प्रोटीन और एनर्जी मिलती रहे।
- मखाना और मेवे: भुने हुए मखाने, बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश बेहतरीन एनर्जी बूस्टर का काम करते हैं।
- हर्बल पेय पदार्थ: दिनभर सादा गुनगुना पानी, नींबू पानी, अदरक की चाय या CCF चाय (जीरा, धनिया और सौंफ का काढ़ा) पीते रहें।
- मसाले: भोजन में केवल सेंधा नमक और हल्की काली मिर्च का इस्तेमाल करें। सेंधा नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है।
उपवास के दौरान क्या न खाएं?
टॉक्सिन्स से बचने के लिए इन चीजों को अपने डाइट चार्ट से बाहर रखें।
- सामान्य अनाज: गेहूं, चावल, मैदा, सूजी और बेसन का सेवन पूरी तरह वर्जित है।
- प्याज़ और लहसुन: इन्हें तामसिक भोजन माना जाता है, जो पाचन तंत्र पर बोझ डालते हैं और ऊर्जा कम करते हैं।
- तली-भुनी चीजें: तेज मसाले, डीप-फ्राई फूड और भारी भोजन से पेट फूलने (ब्लोटिंग) की समस्या हो सकती है।
- पैक्ड और मीठी चीजें: प्रोसेस्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स और ज्यादा मीठी चीजों से बचें, क्योंकि ये शरीर में कफ (बलगम) बढ़ाते हैं।
- कैफीन और अल्कोहल: कॉफी, चाय (ज्यादा) और शराब से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है।
इन बातों का भी रखें विशेष ख्याल
व्रत के दौरान स्वास्थ्य और मन को संतुलित रखने के लिए मोटे आटे की रोटी, अंकुरित अनाज और सलाद को डाइट में शामिल करें। ज्यादा फैट, खट्टी, ठंडी और मैदे से बनी चीजों से बिल्कुल दूर रहें। सबसे जरूरी बात, शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिनभर में कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पिएं।




