भारत सरकार की डेडलाइन का आखिरी दिन: अटारी बॉर्डर पर पाक नागरिकों की भीड़, भारतीय भी लौटे अपने वतन

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने का निर्देश दिया था। इस आदेश के तहत आज, 27 अप्रैल, पाक नागरिकों के भारत में रहने की निर्धारित समय सीमा का अंतिम दिन है।
इस आदेश के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर पर हजारों पाकिस्तानी नागरिकों की भीड़ देखी जा रही है, जो अपने वतन लौटने के लिए कतारों में खड़े हैं। वहीं, पाकिस्तान में फंसे कई भारतीय नागरिक भी इसी बॉर्डर के रास्ते स्वदेश लौट चुके हैं।
तीन दिन में 450 से अधिक भारतीय लौटे भारत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार की है। 24 अप्रैल को, 28 पाकिस्तानी नागरिक पाकिस्तान लौटे, जबकि 105 भारतीय भारत आए। 25 अप्रैल को, 191 पाकिस्तानी और 287 भारतीय नागरिकों ने सीमा पार की। 26 अप्रैल को, 75 पाकिस्तानी और 335 भारतीय नागरिक अपने-अपने देश लौटे। बॉर्डर पर इस वक्त भी भीड़ बनी हुई है, क्योंकि अधिकांश पाकिस्तानी नागरिक आज की डेडलाइन खत्म होने से पहले वापसी सुनिश्चित करना चाहते हैं।
राज्य सरकारें सक्रिय, पुलिस कर रही निगरानी
भारत सरकार ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि तय तारीख के बाद कोई भी पाकिस्तानी नागरिक देश में न पाया जाए। दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पुलिस प्रशासन ऐसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। भोपाल समेत कई शहरों में पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें अटारी बॉर्डर की ओर रवाना किया जा रहा है।
डेडलाइन के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर यह स्पष्ट कर दिया था कि तय समयसीमा के बाद भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को अवैध माना जाएगा। ऐसे में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है। भारत सरकार का यह कड़ा कदम पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। सरकार इस आदेश को लेकर बेहद गंभीर है और इसके उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




