उत्तर प्रदेश

बाराबंकी: राष्ट्रीय युवा दिवस पर बच्चों की खिली मुस्कान; MLसी अंगद सिंह ने बांटे 100 स्वेटर और जूते-मोजे

Lucknow Focus News Desk: रामसनेहीघाट (बाराबंकी) में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर ‘बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान’ ने एक शानदार पहल की। संस्थान द्वारा छन्दवल गांव में गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क संचालित किए जा रहे ‘चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल’ में राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का संदेश गूंजा। इस मौके पर मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य (MLC) अंगद कुमार सिंह ने विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

छात्रों को मिले गर्म कपड़े, विवेकानंद के आदर्शों का गूंजा मंत्र

भीषण ठंड को देखते हुए संस्थान ने बच्चों के लिए ‘गर्म यूनिफॉर्म वितरण कार्यक्रम’ आयोजित किया। मुख्य अतिथि अंगद सिंह ने करीब 100 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से स्वेटर और जूता-मोजा वितरित किए। बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, “राष्ट्र निर्माण की असली ताकत हमारे छात्र हैं। सरकार और शिक्षक दोनों की जिम्मेदारी है कि युवाओं को सही दिशा मिले।”

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि और आरएसएस के जिला कार्यवाह सुधीर तिवारी ने बच्चों को सफलता का तीन सूत्री मंत्र दिया— ‘खूब खाओ, खूब खेलो और खूब पढ़ो’। उन्होंने कहा कि जब हम देश के हर नागरिक को अपना सगा समझेंगे, तभी सच्चे राष्ट्रवादी बन पाएंगे।
कविता और हास्य के संगम से भावविभोर हुए ग्रामीण
साहित्यिक रंगत ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

हास्य व्यंगकार अनिल श्रीवास्तव ‘लल्लू जी’ ने अपनी रचना— “विश्व धर्म संसद में स्वामी जी थे सबसे भारी, नवयुवकों के प्रेरक थे स्वामी जी पगड़ीधारी” से विवेकानंद जी को श्रद्धांजलि दी। वहीं गीतकार साहब नारायण शर्मा की पंक्तियों— “निराशों को जो आशा दे वह कविता छंद हो जाऊं” ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

स्वास्थ्य शिविर और ‘समरसता भोज’ की अनूठी पहल
संस्थान ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक एकता का भी संदेश दिया।

हीलिंक अस्पताल के सहयोग से आयोजित शिविर में डॉ. गौरव सिंह (बाल रोग विशेषज्ञ) और डॉ. अनिल कुमार ने बच्चों व अभिभावकों की मुफ्त जांच की और दवाएं बांटी।

कार्यक्रम का समापन एक बड़े ‘तहड़ी भोज’ के साथ हुआ। इसमें भेदभाव मिटाकर स्कूली बच्चों, ग्रामीण महिलाओं और अभिभावकों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जो सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल बना।

संस्थान के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रधानाचार्य विनोद कुमार के नेतृत्व में छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर आलोक कुमार वर्मा, शैलेंद्र सिंह, डॉ. विनोद गौतम और बड़ी संख्या में ग्रामीण व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

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