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संसद शीतकालीन सत्र शुरू: PM मोदी का विपक्ष को संदेश- ‘डिलीवरी हो, ड्रामा नहीं’, युवाओं को अवसर देने की अपील

Lucknow Focus News Desk: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज, 1 दिसंबर से हो गई है। 18वीं लोकसभा का यह छठा सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसके दौरान 19 दिनों में कुल 15 बैठकें होनी हैं। इस सत्र में एटॉमिक एनर्जी समेत 10 नए विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर सदन में हंगामे के आसार हैं।

PM मोदी का वक्तव्य: ‘डिलीवर करें, ड्रामा नहीं’
सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र राष्ट्र की प्रगति के प्रयासों को ऊर्जा देगा। उन्होंने विपक्षी दलों को कड़ा संदेश देते हुए कहा “हमें इन चीजों को गंभीरता से लेना चाहिए। ड्रामा करने के लिए बहुत जगह होती है, जिसे करना है करता रहे, यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। यहां नारे नहीं, नीति पर बात होनी चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में नकारात्मकता कुछ काम आती होगी, लेकिन राष्ट्र निर्माण की सोच भी होनी चाहिए। उन्होंने नकारात्मकता को मर्यादा में रखकर राष्ट्र निर्माण पर ध्यान देने का आग्रह किया।
युवा सांसदों को अवसर देने पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि सदन में पहली बार चुनकर आए युवा सांसदों को अपने सामर्थ्य का परिचय कराने और अपने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में बताने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है। “मेरा आग्रह रहेगा कि हम इन चीजों को गंभीरता से लें… हमें किसी भी दल के हमारी नई पीढ़ी के नौजवान सांसदों को अवसर देना चाहिए।”

‘डेमोक्रेसी कैन डिलीवर’

पीएम मोदी ने हालिया बिहार चुनाव में मतदान की तेज़ी और महिलाओं की भागीदारी बढ़ने को लोकतंत्र की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत के लोकतंत्र और अर्थतंत्र की मजबूती को बारीकी से देख रही है, और “भारत ने सिद्ध कर दिया है डेमोक्रेसी कैन डिलीवर।”

उन्होंने विपक्ष से पराजय की निराशा से बाहर निकलकर सार्थक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्र पराजय की बौखलाहट का मैदान नहीं बनना चाहिए और न ही विजय के अहंकार में परिवर्तित होना चाहिए, बल्कि जिम्मेदारी के साथ देश की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

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