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मारुति की पहली इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, जल्द हो सकती है भारत में लॉन्च

Lucknow Focus News Desk: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपनी पहली पूरी तरह से इलेक्ट्रिक SUV  e-Vitara को तैयार कर लिया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात स्थित मारुति के नए प्लांट से इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को हरी झंडी दिखाकर एक्सपोर्ट के लिए रवाना किया।

मारुति की यह पहली पूर्णत: इलेक्ट्रिक कार है, जो कंपनी की EV सेगमेंट में एंट्री को दर्शाती है। फिलहाल यह गाड़ी विदेशी बाजारों में एक्सपोर्ट की जाएगी, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे सितंबर 2025 में भारत में भी लॉन्च किया जा सकता है।

भारत के EV सेक्टर में बड़ा कदम

अब तक टाटा मोटर्स, महिंद्रा और एमजी मोटर जैसी कंपनियों का भारत के EV बाजार में दबदबा रहा है। लेकिन अब मारुति की एंट्री से मुकाबला और तेज़ हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि e-Vitara की एंट्री देश के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को नई दिशा दे सकती है।

न्यूयॉर्क स्थित रिसर्च फर्म Rhodium Group की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की इलेक्ट्रिक कार उत्पादन क्षमता 2030 तक 25 लाख यूनिट्स प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है। अभी यह आंकड़ा लगभग 2 लाख यूनिट्स का है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो भारत चीन, यूरोप और अमेरिका के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा EV निर्माता बन जाएगा, जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए।

भारत में ज्यादा उत्पादन, लेकिन मांग कम

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2030 तक भारत में EV कारों की डोमेस्टिक डिमांड लगभग 4 से 14 लाख यूनिट्स के बीच रह सकती है, लेकिन उत्पादन क्षमता 25 लाख यूनिट्स तक होगी। यानी बड़ी संख्या में गाड़ियां एक्सपोर्ट के लिए तैयार की जाएंगी।

लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि भारतीय कंपनियां प्रोडक्शन कॉस्ट को कम करें, ताकि वे चीनी कंपनियों जैसी सस्ती EV कारों के साथ मुकाबला कर सकें। चीन पहले से ही वैश्विक EV बाजार में सस्ती और बड़ी मात्रा में कारें बनाकर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है।

भारत सरकार का ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ अभियान अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी केंद्रित हो रहा है। देशभर में नई फैक्ट्रियों की स्थापना तेजी से हो रही है। मौजूदा 2 लाख यूनिट्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी के अलावा 13 लाख यूनिट्स की क्षमता वाले प्लांट निर्माणाधीन हैं, और 7 लाख यूनिट्स की नई योजनाएं भी घोषित की जा चुकी हैं।

EV सेक्टर में प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है लागत नियंत्रण और तकनीकी नवाचार

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहना है, तो कंपनियों को तकनीकी इनोवेशन, मास प्रोडक्शन और कॉस्ट कटिंग के नए तरीके अपनाने होंगे। तभी भारत की EV कारें इंटरनेशनल मार्केट में टिक सकेंगी।

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