‘मनरेगा’ पर छिड़ा सियासी संग्राम: कांग्रेस 5 जनवरी से शुरू करेगी देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ अभियान’

Lucknow Focus News Desk: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) के स्वरूप और नाम में किए गए बदलावों के खिलाफ कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। शनिवार को हुई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साझा तौर पर 5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करने की घोषणा की।
मनरेगा को खत्म करना ‘संविधान और गरीबों’ पर हमला: खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया ‘काम का अधिकार’ है। उन्होंने तीन कृषि कानूनों और भूमि अधिग्रहण कानून का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सरकार को भारी विरोध के कारण पीछे हटना पड़ा था, उसी तरह मनरेगा के मुद्दे पर भी जनता सरकार को झुकने पर मजबूर करेगी। खरगे ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को भी लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की एक ‘सुनियोजित साजिश’ बताया।
संघीय ढांचे और विकास के मॉडल पर प्रहार: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना अपने मंत्रिमंडल से सलाह लिए और बिना किसी अध्ययन के मनरेगा को एकतरफा तरीके से खत्म कर दिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे।
सरकार एकतरफा फैसले ले रही है, जिसमें राज्यों और विशेषज्ञों की कोई सलाह नहीं ली गई। मनरेगा को बदलना देश के संघीय ढांचे (Federal Structure) और अधिकार-आधारित प्रणाली पर सीधा प्रहार है। इस योजना ने ग्रामीण भारत को मजबूती दी और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया, जिसे अब ध्वस्त किया जा रहा है।
2005 के ऐतिहासिक कानून को बचाने की चुनौती
कांग्रेस का कहना है कि यूपीए सरकार के इस दूरदर्शी कानून की सराहना पूरी दुनिया में हुई थी। मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए ‘VB-G RAM G बिल, 2025’ को कांग्रेस ने मनरेगा को खत्म करने का एक जरिया बताया है। पार्टी ने संकल्प लिया है कि वे इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव जाएंगे और जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।