लखनऊ मेट्रो फेज-2: चारबाग समेत तीन स्टेशनों की लोकेशन में बदलाव, निर्माण शुरू करने की तैयारी

Lucknow Focus News Desk: लखनऊ मेट्रो अपने विस्तार के दूसरे चरण (फेज-2) की तैयारी में जुट गया है। चारबाग से बसंतकुंज तक प्रस्तावित नए रूट पर कुल बारह स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
इस बार निर्माण कार्य में आ रही जगह की दिक्कतों को देखते हुए चारबाग, मेडिकल कॉलेज और चौक मेट्रो स्टेशनों की लोकेशन में बदलाव किया जाएगा। ये स्टेशन अपनी तयशुदा मुख्य लोकेशन से लगभग 500 मीटर तक दूर बनाए जा सकते हैं, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी।
5800 करोड़ की लागत, 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य
चारबाग से बसंतकुंज के बीच करीब 11.16 किलोमीटर लंबे रूट पर 12 स्टेशन बनेंगे, जिस पर लगभग ₹5800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस काम को पाँच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट के लिए ग्राउंड और जियोटेक सर्वे कराए जा चुके हैं। नववर्ष से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। निर्माण कार्यों के लिए टेंडर किए जा चुके हैं और विदेशी निवेश के प्रयास जारी हैं।
लोकेशन बदलने का कारण
मेट्रो स्टेशनों की लोकेशन आगे या पीछे करने का मुख्य कारण निर्माण के लिए जगह की कमी और सुरक्षा संबंधी अनिवार्यताएं हैं। चारबाग में बहुमंजिला बस अड्डा भी बनाया जाना है, जिसके लिए भूमिगत निर्माण कार्य होगा। सेकेंड फेज के चारबाग स्टेशन के भूमिगत निर्माण के लिए सुरक्षा के लिहाज से स्टेशन की लोकेशन को मुख्य जगह से दूर किया जाएगा। इसी तरह का बदलाव मेडिकल कॉलेज और चौक चौराहे पर भी किया जाएगा, जहां से यात्रियों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जाएगा।
निर्माण कार्य तीन चरणों में
मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के अनुसार, चारबाग से बसंतकुंज के बीच सेकेंड फेज का निर्माण कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
चरण 1 (डिपो): पहले चरण में बसंतकुंज में 40 एकड़ भूमि पर डिपो का निर्माण करवाया जाएगा।
चरण 2 (एलिवेटेड): इसके बाद रूट पर एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनाए जाएँगे।
चरण 3 (अंडरग्राउंड): अंत में भूमिगत स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
सेकेंड फेज के तहत 12 स्टेशन होंगे, जिनमें सात भूमिगत (चारबाग, गौतमबुद्धनगर, अमीनाबाद, पांडेगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा, चौक) और पाँच एलिवेटेड स्टेशन (ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग, बसंतकुंज) शामिल होंगे।




